चक्रधरपुर.
कुड़मी आंदोलन के कारण शनिवार को चक्रधरपुर स्टेशन में सन्नाटा सा पसरा रहा. वहीं, ट्रेनों के आवागमन ठप रहने से यात्री बेहाल रहे. चाईबासा के कई यात्री चक्रधरपुर स्टेशन पहुंचे, तो ट्रेनों के नहीं आने की सूचना मिली. राउरकेला व रायगढ़ के यात्री प्लेटफॉर्म पर बैठे रहे. कई यात्रियों ने टिकट को रद्द कराया और सड़क मार्ग से गंतव्य तक गये. रेलवे की माने, तो करीब 150 से अधिक रेल टिकट चक्रधरपुर से रद्द किये गये. ट्रेनों के यात्री भोजन के लिए चक्रधरपुर स्टेशन में भटकते रहे. होटल व दुकान नहीं होने के कारण महिला व बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ा.चक्रधरपुर में तीन घंटे खड़ी रही कुर्ला एक्सप्रेस
कुर्ला एक्सप्रेस सुबह 8.15 बजे चक्रधरपुर पहुंची. यह तीन घंटे तक स्टेशन में खड़ी रही. वहीं गीतांजलि एक्सप्रेस दोपहर 12.23 बजे चक्रधरपुर पहुंची. दोनों ट्रेनों को चक्रधरपुर से खुलने के बाद कांड्रा से परिवर्तित मार्ग से चलाया गया. दोनों ट्रेनें टाटानगर नहीं गयीं. रेलवे ने टाटानगर के यात्रियों के लिए कांड्रा में बस सेवा की व्यवस्था की थी. टाटानगर के यात्रियों को कांड्रा से बस में टाटानगर स्टेशन तक ले जाया गया.
भोजन-पानी मिलने में हुई परेशानी :
सुकांतो कोलकाता के यात्री सुकंतो बनर्जी ने कहा कि रेलवे यात्रियों को परेशान कर रही है. ट्रेनें समय पर नहीं चल रही हैं. यात्रा के क्रम में भोजन व पानी मिलने में परेशानी हो रही है. रेलवे को चाहिए कि समय पर ट्रेनों को चलाना सुनिश्चित करे. भोजन-पानी का संकट बच्चे भूखे :
वाकिफ कोलकाता के वाकिफ हुसैन ने कहा कि ट्रेनों में हिसाब से भोजन व पानी लेकर चलते हैं. ट्रेनें 10 घंटे देर से चल रही हैं. बच्चों को भोजन व पानी की दिक्कत हो रही है. ट्रेनें दूसरे रूट से चलेगी, तो भारी परेशानी होगी.घर में परिवार व बच्चे घबरा गये हैं :
विद्युत कोलकाता के यात्री विद्युत भट्टाचार्य ने कहा कि सैकड़ों किमी दूर से आ रहे हैं. ट्रेनों में यात्रा से उब चुके हैं. घबराहट व घुटन हो रही है. कब घर में परिवार से मिलेंगे, यह सोच रहे हैं. घर में परिवार व बच्चे भी घबरा गये हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
