पिटाई से घायल चंदनकियारी थाना क्षेत्र के लाघला गांव निवासी किसन मोदक की मौत इलाज के दौरान सोमवार को मौत हो गयी. मंगलवार की देर शाम शव गांव लाया गया. इसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने शव को चंदनकियारी थाना के मुख्य द्वार पर रख कर गेट जाम कर दिया. पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की. भीड़ को देखते हुए अमलाबाद और भोजुडीह थाना की पुलिस को भी बुलाना पड़ा. सूचना के बाद एएसपी थाना पहुंचे. खबर लिखे जाने तक पुलिस के साथ ग्रामीणों और परिजनों की वार्ता चल रही थी. परिजनों ने आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की.
पुलिस पर आरोपियों को बचाने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि घटना की लिखित सूचना देने के बावजूद पुलिस आरोपियों को बचाते रही. वे लोग बिना डर गांव में घूमते रहे. मृतक के दो छोटे छोटे बच्चे हैं. मृतक के पत्नी ने कहा कि मामूली सी कहासुनी का बदला इतना बड़ा चुकाना होगा, सोचा नहीं था. 12 मई की रात को गांव के ही माणिक दे, पिंटू सोनार व पूजा देवी ने घर में घुस कर हमला कर दिया था और मुझे व मेरे पति की बेरहमी से पिटाई की थी. साथ ही मेरे बेटे पर भी हमला कर चिराग बुझाने की बात कही थी. मेरी इज्जत लूटने का भी प्रयास भी किया गया था. घायल किसन मोदक को सदर अस्पताल ले गये. बाद में बेहतर इलाज के लिए रिम्स में भर्ती कराया गया था.
