दूसरे को सुख देने वाला ही सच्चा धार्मिक : राम दिनेशाचार्य

दूसरे को सुख देने वाला ही सच्चा धार्मिक : राम दिनेशाचार्य

जारंगडीह. जारंगडीह में आयोजित नौ दिवसीय श्री श्री रामचरितमानस नवाह्न परायण यज्ञ के आठवें दिन रविवार को अहले सुबह से ही पूजा व परिक्रमा के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही. शाम में अयोध्या से आये जगत गुरु स्वामी रामदिनेशाचार्य जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि धर्म का अर्थ है लोगों को प्रसन्नता प्रदान करना. दूसरे को सुख देने वाला सच्चा धार्मिक है. भगवान जात-पात, ऊंच-नीच नहीं देखते. हमेशा मांस खाने वाला गिद्धराज जटायू एक नारी की रक्षा के लिए अपने प्राणों की बाजी लगा देता है तो परमात्मा भी उसे गोद में उठा लेते हैं. आगे उन्होंने कहा कि पत्थर में तो हमने देवता को स्थापित कर दिया, समाज में मानवता स्थापित करना आज सबसे बड़ी चुनौती है. अयोध्या से आये आचार्य शत्रुघ्न शरण तथा बाल विदुषी हर्शिका किशोरी ने भी रामकथा का रसपान कराया. आचार्य पुरेन्द्र जी ने राम-रावण युद्ध का वर्णन करते हुए कहा कि यह असत्य व सत्य, अधर्म व धर्म और प्रभाव व स्वभाव का युद्ध था. आयोजन को लेकर यज्ञ कमेटी के अध्यक्ष जारंगडीह पीओ परमानंद गुइन, सचिव बसंत कुमार ओझा, कोषाध्यक्ष योगेंद्र सोनार, निर्मल मंडल, नेमचंद मंडल आदि सक्रिय हैं.

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