Bokaro News : वक्त बदल गये, जज्बात बदल गये...हम अपनी उम्र से नहीं, बीएसएल की उपेक्षा से हार रहे हैं

Bokaro News : प्रभात खबर आपके द्वार में छलका बीएसएल रिटायर्ड कर्मियों का दर्द

Bokaro News : ‘ वक्त बदल गये, जज्बात बदल गये…हम अपनी उम्र से नहीं, बीएसएल की उपेक्षा से हार रहे हैं…’ सेवानिवृत्ति के बाद केवल हमारी दिनचर्या ही नहीं बदलती, बल्कि उस प्रबंधन का व्यवहार भी बदल जाता है, जिनके साथ हमने काम करते हुए वर्षों बीता दिये. रिटायरमेंट जीवन का सबसे अहम पड़ाव है, लेकिन इससे भी अधिक कष्टप्रद प्रबंधन का असहयोग होता है. तभी तो हम क्वार्टर रेंट, लाइसेंस का नवीकरण, क्वार्टर की मरम्मत सहित दर्जनों समस्याओं के समाधान के लिए उसी चौखट के चक्कर काटते हैं, जहां कभी ठाठ से बैठकर अपनी सेवाएं देते रहे. प्रबंधन अनजानों की तरह बर्ताव करता है. हर बार टरका दिया जाता है. बीते हुए लम्हों की कसक साथ तो होगी…के साथ रविवार को सेक्टर-03 में आयोजित प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम में बोकारो स्टील प्लांट के रिटायर्ड कर्मियों का दर्द छलका.

बीएसएल को अर्श पहुंचाया, आज खुद हैं फर्श पर :

बीएसएल का क्वार्टर लाइसेंस पर लिये रिटायर कर्मियों की समस्या कई साल से जस-की-तस बनी हुई है. बीएसएल रिटायर कर्मियों के पास अपनी पीड़ा सुनाने के लिए कोई प्लेटफॉर्म नहीं है. समस्याओं का जिक्र करते हुए उनकी आंखें भर आयीं. उन्होंने कहा : बीएसएल को अर्श पहुंचाया, आज खुद फर्श पर हैं. 60 साल तक विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी को कंधों पर उठाने के बाद भी रिटायर कर्मी दिक्कतें सुलझाने के लिए परेशान हैं.

कई बार सभी स्तर पर वार्ता, क्वार्टर रेंट का मामला लंबित :

प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम में बीएसएल के रिटायर कर्मियों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए कहा : हम अपनी उम्र से नहीं, बल्कि बीएसएल की उपेक्षा से हार रहे हैं. क्वार्टर लाइसेंस स्कीम के अंतर्गत अनुचित ढंग से प्रति 11 माह पर लिया गया. 10% की बढ़ोतरी वापस लेकर 1000 रुपये क्वार्टर रेंट के आधार पर लंबित क्वार्टर लाइसेंस का नवीकरण यथाशीघ्र कराने की मांग की. कहा : इसको लेकर कई पत्र निदेशक प्रभारी, सभी अधिशासी निदेशक (कार्मिक एवं प्रशासन) से लेकर मुख्य महाप्रबंधक नगर सेवाएं को दिया गया. कई बार सभी स्तर पर वार्ता भी हुई, लेकिन अभी तक क्वार्टर रेंट का मामला लंबित है.

सेल के किसी भी इकाई में नहीं बीएसएल जैसी बढ़ोतरी :

रिटायर कर्मियों ने कहा : 2019 के दिसंबर माह में 10% की बढ़ोतरी, जो बिल्कुल ही अनुचित था, को रोक दिया गया. लेकिन, 2017 से 10% का 3 वर्ष का योग, जो लगभग 300 होता है, वर्तमान में प्रतिमाह रेंट के रूप में जोड़ दिया गया है, जो बिल्कुल ही अनुचित है. इस प्रकार की बढ़ोतरी सेल के किसी भी इकाई में नहीं की गयी है. दुर्गापुर स्टील प्लांट में 25 % रिबेट देकर सेवानिवृत्त लाइसेंसधारियों का लाइसेंस रिनुअल पीछे से वर्तमान रेट में किया जा रहा है. दुर्गापुर स्टील प्लांट के 400 स्क्वायर फीट में 1000 रुपये प्रति माह रेंट पर इएफ टाइप क्वार्टर व 612 स्क्वायर फीट सीडी टाइप क्वार्टर भी लाइसेंस के अंतर्गत लाया गया है.

इएफ टाइप क्वार्टर का प्लिंथ एरिया 377 स्क्वायर फीट :

भिलाई स्टील प्लांट में दो रुपये प्रति स्क्वायर फीट रेंट लिया जा रहा है. सिक्योरिटी रकम सभी स्टील प्लांट में भिन्न-भिन्न है. बोकारो स्टील प्लांट का इएफ टाइप क्वार्टर का प्लिंथ एरिया 377 स्क्वायर फीट है, जबकि अन्य स्टील प्लांट का प्लिंथ एरिया इससे ज्यादा है. सभी स्टील प्लांट से ज्यादा व्यावहारिक लाइसेंस स्कीम बोकारो स्टील प्लांट का था. कहा : इएफ प्रकार के क्वार्टर का लाइसेंस पूर्व की भाति वर्तमान में रू 1000 कर सभी लंबित क्वार्टर लाइसेंस नवीकरण 2017 से किया जाये या क्वार्टर रेंट प्लिंथ एरिया के क्षेत्र का दो रुपये प्रति स्क्वायर फीट के रूप में लिया जाये. कहा : लाइसेंस स्कीम को लीज में कन्वर्ट किया जाये.

क्रॉनिक डिजीज से पीड़ित कर्मी को मिले ग्राउंड फ्लोर का का क्वार्टर :

डी टाईप या सीडी टाइप क्वार्टर भी दुर्गापुर स्टील प्लांट की तरह, जिसमें जो कर्मचारी रह रहे हैं या पूर्व से रह रहे हैं, सेवानिवृत्ति के बाद ही लाइसेंस के अंतर्गत उस कर्मचारी को दिया जाय. लाइसेंस स्कीम में लाइसेंस ट्रांसफर का स्कीम लीज के तरह किया जाय. जो कर्मचारी या सेवानिवृत्त कर्मचारी लाइसेंस में ऊपरी तल्ला में है और क्रॉनिक डिजीज से पीड़ित हैं. उनको क्वार्टर प्राथमिकता के आधार पर भूमि तल में परिवर्तित किया जाये. कुछ सेवानिवृत्त कर्मचारी सिक्योरिटी मनी जमा करने की स्थिति में नहीं हैं. ग्रेच्यूटी रकम से जमा कराना चाहते हैं. उसे विशेष परिस्थिति में सिक्योरिटी मनी जमा कराने का प्रावधान होना चाहिए.

लाइसेंस क्वार्टर के छत व दीवार की करायी जाये मरम्मत : क्वार्टर रिटेंशन में सिक्योरिटी रकम जब्त करने के प्रावधान को समाप्त किया जाये. जब्त किया हुआ रकम उस कर्मचारी को भुगतान किया जाये. लाइसेंस क्वार्टर के छत व दीवार की मरम्मत रेगुलर कर्मचारियों के क्वार्टर की तरह किया जाये. लाइसेंसधारी कर्मचारी या उनकी पत्नी के देहांत के बाद उनके आश्रित लड़के द्वारा क्वार्टर लाइसेंस नॉमिनी के लिए दिया गया आवेदन पत्र स्वीकृत कर उनके आश्रित पुत्र को क्वार्टर का नॉमिनेशन यथाशीघ्र किया जाये. क्वार्टर लाइसेंस नवीकरण की प्रक्रिया काफी दिनों से लंबित है. इसे जल्द पूरा किया जाये.

12,000 से ऊपर इएफ टाइप क्वार्टर लाइसेंस पर है :

वर्तमान में लगभग 12,000 से ऊपर इएफ टाइप क्वार्टर लाइसेंस स्कीम के अंतर्गत सेवानिवृत्त कर्मचारी को दिया जा चुका है. आरंभ में लाइसेंस स्कीम के अंतर्गत क्वार्टर रेंट ₹210 से वर्तमान में 1300 के अलावा ₹130 अतिरिक्त चार्ज लिया जाता है. सिक्योरिटी का रकम एक लाख 20 हजार से बढ़ कर वर्तमान में डेढ़ लाख अभी है. रेंट आरंभ में 33 माह में ₹10000 रेंट आगे चलकर 18645 रुपया रेंट, पुनः आगे 35145, 36300 रुपया आगे 10 % बढ़ोतरी के कारण 33 माह का रेट 57000 से लेकर 60000 तक वसूला गया. 10 % बढ़ोतरी नवंबर 2019 से रोका गया. वर्तमान में अभी ₹48600 रेंट के रूप में लिया जा रहा है.

2008 से शुरू हुआ था क्वार्टर लाइसेंसी स्कीम :

क्वार्टर लाइसेंसी स्कीम सर्वप्रथम 28 मार्च 2008 से शुरू हुआ था. उस समय सिर्फ खाली क्वार्टर लाइसेंस के अंतर्गत लाया गया. क्वार्टर रेंट ₹210 पुनः खाली क्वार्टर का लाइसेंस 25.5.2009 व मात्र 6 माह के बाद जो जिसमें रह रहा था, लाइसेंसी में निकाला गया. इसके कारण एक ही सेवानिवृत्त कर्मचारी को दो क्वार्टर एक खाली क्वार्टर, दूसरा जो जिसमें रह रहा था, वह क्वार्टर मिला. बाद में उसका रकम एडजस्टमेंट किया गया. खाली क्वार्टर जमा लिया गया. पहले जो जिसमें रह रहा है, बाद में खाली क्वार्टर निकालने का व्यवहार में लाने की सहमति बनी. 2013 तक क्वार्टर का रेट ₹500 रुपया था, सिक्योरिटी रकम 120000 रुपया हुआ.

11 माह में 10% की बढ़ोतरी का प्रावधान कठोरता से लागू :

30.06.2014 को अन्य सेक्टर, जिसमें सेक्टर 03 व 04 को छोड़ कर सेक्टर 02 का फर्स्ट फ्लोर, जिसमें जो रह रहा था, लाइसेंसिंग के अंतर्गत लाया गया. काफी आंदोलन के बाद 30.11.2016 को सेक्टर 02 का सिर्फ बैकलॉक के रूप में ग्राउंड फ्लोर लाइसेंसिंग के अंतर्गत लाया गया. रेंट 1000 के अलावा प्रति 11 माह में 10% की बढ़ोतरी का प्रावधान प्रबंधन कठोरता से लाया. बोकारो इस्पात कामगार यूनियन-एटक की पहल व सेवानिवृत्त कर्मियों के आंदोलन पर प्रबंधन द्वारा 225 स्क्वायर फीट कंस्ट्रक्शन क्वार्टर में रखने का प्रावधान की स्वीकृति मिली. 16 माह के बाद सेक्टर 2 ग्राउंड फ्लोर लाइसेंस आवंटन का कार्य पूरा हुआ.

17-10-2019 को सेक्टर तीन व चार के लिए जारी हुआ सर्कुलर :

सेक्टर दाे, तीन व चार प्राइम सेक्टर के अंतर्गत नगर सेवा के अंदर आते हैं. सेक्टर 2 ग्राउंड फ्लोर के बाद सेक्टर 3 व सेक्टर 4 के सेवानिवृत्त कर्मचारी, जो जिस क्वार्टर में रह रहे थे, ने आंदोलन का बिगुल फूंका. 10% बढ़ोतरी प्रति 11 माह में का विरोध जमकर होने लगा. लगातार दो वर्ष कठिन वार्ता व आंदोलन के बाद प्रबंधन बोकारो स्टील द्वारा सेक्टर तीन व चार को भी लाइसेंस स्कीम के अंतर्गत लाने की स्वीकृति हुई. इसके साथ-साथ 10 % बढ़ोतरी आरंभ से ही रोक दी जायेगी. तत्कालीन इडी पीएंडए की उपस्थिति में मुख्य कार्मिक प्रबंधक द्वारा स्वीकृति दी गयी. सेक्टर तीन व चार के लिए 17-10-2019 को सर्कुलर जारी हो गया.

बोले रिटायर बीएसएल कर्मी

काफी संख्या में सेवानिवृत्त कर्मचारी गंभीर (क्रॉनिक) समेत अन्य कई प्रकार की बीमारी से ग्रस्त होने के कारण सेवा काल में कंपनी द्वारा आवंटित क्वार्टर में कंपनी से सेवानिवृत्त होने के बाद नहीं छोड़े हैं. अपना ग्रेच्यूटी व लीव रकम को कंपनी के पास छोड़कर या रिटेंशन मनी को फॉरफिटेड करा कर अपने आवंटित क्वार्टर में रहना उन सभी कर्मचारियों की विवशता है. – एसपी केसरी, सेक्टर तीन

सेल की लगभग सभी इकाई में डी टाइप व सीडी टाइप क्वार्टर लाइसेंस स्कीम के अंतर्गत लाकर सेवानिवृत कर्मचारियों को दिया जा चुका है. फिर बोकारो स्टील में यह स्कीम क्यों नहीं लाया है. एस 3 ग्रेड से डी टाइप व सीडी टाइप क्वार्टर के लिए कर्मचारियों को हकदार बनाया है. यदि एस 01 ग्रेड से भी सीडी टाइप का हकदार कर्मी बनते हैं तो भी काफी क्वार्टर खाली पड़ा रहेगा.

– काशी, सेक्टर दो

काफी क्वार्टर विभिन्न प्रकार की एजेंसियां को दिया गया है. बहुत-सा क्वार्टर असामाजिक व दलालों के माध्यम से भाड़ा पर लगा हुआ है. क्वार्टर काफी पुराना हो चुके हैं. मल्टी स्टोरी बिल्डिंग ब्लॉक भी बना कर कर्मचारियों को क्वार्टर दे सकते हैं. सेल की सभी इकाईयों में अधिकांशत: अवांछित कब्जाधारी से ही क्वार्टर खाली कराया जाता है ना कि अपने सेवानिवृत्ति कर्मचारी से.

– आरआर दास, सेक्टर नौ

रिटायर कर्मी क्वार्टर का पैनल रेंट कटवा रहे हैं. इससे क्वार्टर सुरक्षित है. क्वार्टर खाली रहेगा तो या तो उसपर कब्जा हो जायेगा या फिर उसे दलाल भाड़ा पर लगा देंगे. ऐसे में रिटायर कर्मियों को क्वार्टर से निकाल बाहर करना अनुचित श्रम व्यवहार के अंतर्गत आता है. डी टाइप व सीडी टाइप क्वार्टर क्वार्टर लाइसेंस स्कीम के अंतर्गत लाकर रिटायर कर्मियों को दिया जाये.

– पीपी चौधरी, सेक्टर आठसेवानिवृत्त कर्मचारियों को जो जिसमें रह रहा है, उसे लाइसेंसिंग स्कीम के अंतर्गत क्वार्टर दिया जाये. इएफ टाइप क्वार्टर की तरह रिक्त पड़े डी व सी टाईप क्वार्टर को भी लाइसेंस स्कीम के अंतर्गत लाया जाये. इएफ टाइप लाइसेंसिंग स्कीम का सिक्योरिटी रकम बढ़ा दिया है. पूर्व सहमति वार्ता के अनुसार रेंट रू 1000 किया जाये. डैमेज ब्लॉक की पूरी तरह से मरम्मत करायी जाये.

– केपी सिंह, सेक्टर दोखाली पड़े सभी क्वार्टर की मरम्मत करा कर रहने लायक बनाया जाये. खाली पड़े सी टाइप क्वार्टर वरीय कर्मचारियों को आवंटित किया जाये. क्वार्टर लीज की तरह लाइसेंसिंग क्वार्टर को भी कर्मचारी से कर्मचारी लाइसेंस परिवर्तन करने की प्रक्रिया लायी जाये. क्वार्टर लाइसेंस को लीज में परिवर्तित किया जाये. लाइसेंसिंग क्वार्टर के बाहरी दीवार व ऊपरी छत की मरम्मत करायी जाये.

– आरएस डे, सेक्टर नौ

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By MANOJ KUMAR

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