बोकारो. करम पर्व के अवसर पर कसमार प्रखंड के बगदा में 16 सितंबर को विराट करम आखड़ा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा. बगदा के खूंटा टांड़ स्थित तपोभूमि परिसर में सुबह 11 बजे से शाम चार बजे तक होने वाले कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न गांवों की सांस्कृतिक टीमें पारंपरिक नृत्य और संगीत की प्रस्तुति देंगी. आयोजन को लेकर ग्रामीणों में उत्साह है और तैयारियां शुरू कर दी गयी हैं.
करम नाच से संथाली नृत्य तक की प्रस्तुति
आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में करम नाच, झूमर, घोड़ा नाच और संथाली नृत्य मुख्य आकर्षण होंगे. इसके अलावा विशेष कलाकारों के रूप में मजबुल खान, रेवती महतो और विकास महतो भी कार्यक्रम में शामिल होंगे.
आयोजकों का कहना है कि करम आखड़ा का उद्देश्य करम पर्व से जुड़ी लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखना है. पारंपरिक नृत्य-संगीत के माध्यम से नयी पीढ़ी को अपनी लोक संस्कृति से जोड़ने का भी प्रयास किया जा रहा है.
गांव-गांव से पहुंचेंगी सांस्कृतिक टीमें
कार्यक्रम में आजाद हिंद क्लब, मुरहूलसुदी-भागीरथ महतो एवं टीम, कुरक सरना कैराझरना संथाली टीम, सुदी एवं चौड़ा, रामलाल मुर्मू एवं शास्त्री मुर्मू एवं टीम, रथूराम महतो एवं टीम टोंडरा, मुकेश महतो एवं टीम पुरनाडीह, दीपक महतो एवं टीम शंकरडीह करमा, कैलाश महतो एवं टीम रुगड़ीटांड़-रांगामाटी, माणिक चंद्र महतो एवं टीम रांगामाटी, रामराज क्लब कुरको समेत विभिन्न गांवों की टीमें शामिल होंगी.
इसके अलावा नावाडीह सरना समिति क्लब, परमेश्वर महतो एवं टीम कुरको ऊपर टोला, प्रेमचंद कालिंदी एवं टीम पिरगुल, बाबा बड़राव टीम परसाटांड़, बजरंग दल ललमटिया, मां मनसा क्लब रानीटांड़, हरिजन विकास मंच, कुलदीप महतो एवं टीम सिंहपुर, परशुराम महतो एवं टीम बसरिया, चतुर कालिंदी एवं टीम बगदा, आनंद नायक एवं टीम बगदा, महतो टोला टीम खुदीबेड़ा, कीर्तन मंडली और आयोजन समिति बगदा की टीम भी प्रस्तुति देगी.
लोक संस्कृति और एकजुटता का संदेश
आयोजकों ने क्षेत्र के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है. उनका कहना है कि करम पर्व प्रकृति, लोक परंपरा और सामुदायिक एकजुटता से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है. करम आखड़ा जैसे आयोजन पारंपरिक नृत्य-संगीत को मंच देने के साथ लोक संस्कृति को संरक्षित करने और उसे नयी पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
कार्यक्रम को लेकर आयोजन समिति और संबंधित सांस्कृतिक टीमें अपनी-अपनी तैयारियों में जुट गयी हैं. ग्रामीणों के बीच भी आयोजन को लेकर उत्साह का माहौल है.
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