अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के उपलक्ष्य में जिले में बुधवार से उल्लास साक्षरता पखवाड़ा शुरू हो गया. यह अभियान 14 सितंबर तक चलेगा. राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण की ओर से जारी निर्देश के तहत संचालित इस अभियान का मुख्य उद्देश्य असाक्षर लोगों को साक्षरता कार्यक्रम से जोड़ना और अधिक से अधिक शिक्षार्थियों का पंजीकरण कराना है. अभियान के दौरान पंचायत स्तर तक जागरूकता गतिविधियां चलाकर लोगों को साक्षरता के महत्व की जानकारी दी जाएगी.
पखवाड़े के दौरान उल्लास मोबाइल ऐप के माध्यम से शिक्षार्थियों के साथ स्वयंसेवक शिक्षकों का पंजीकरण कराया जाएगा. इसके अलावा शिक्षार्थियों को बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता मूल्यांकन परीक्षा यानी एफएलएनएटी में शामिल कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा.
उल्लास मोबाइल ऐप से होगा पंजीकरण
अभियान के तहत असाक्षर लोगों की पहचान कर उन्हें साक्षरता कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा. संबंधित शिक्षार्थियों और स्वयंसेवक शिक्षकों का पंजीकरण उल्लास मोबाइल ऐप के माध्यम से कराया जाएगा. अधिकारियों को अधिक से अधिक पात्र लोगों तक अभियान की जानकारी पहुंचाने और पंजीकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.
जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रवीन रंजन ने कहा कि उल्लास अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक असाक्षर लोगों को साक्षरता से जोड़ना प्राथमिकता है. अभियान को पंचायत स्तर तक पहुंचाकर जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ दिलाया जाएगा.
एफएलएनएटी से परखी जाएगी सीखने की क्षमता
अभियान के दौरान शिक्षार्थियों को एफएलएनएटी में शामिल कराने पर भी विशेष जोर रहेगा. इस मूल्यांकन परीक्षा के माध्यम से शिक्षार्थियों की पढ़ने, लिखने और बुनियादी गणना करने की क्षमता का आकलन किया जाता है. इससे यह जानकारी मिल सकेगी कि साक्षरता कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण लेने के बाद शिक्षार्थियों ने कितनी प्रगति की है.
रैली और नुक्कड़ नाटक से होगा जागरूकता अभियान
उल्लास साक्षरता पखवाड़े के दौरान पंचायत स्तर पर बैठक, कार्यशाला और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे. विद्यार्थियों और शिक्षकों की ओर से रैली, साइकिल रैली और प्रभात फेरी निकाली जाएगी. इसके अलावा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से भी लोगों को साक्षरता के महत्व के प्रति जागरूक किया जाएगा.
पोस्टर और सोशल मीडिया से होगा प्रचार
अभियान को व्यापक स्तर तक पहुंचाने के लिए पोस्टर, बैनर और पर्चे का इस्तेमाल किया जाएगा. सामाजिक माध्यमों के साथ दीवार लेखन के जरिये भी लोगों को उल्लास कार्यक्रम से जुड़ने और साक्षरता के महत्व की जानकारी दी जाएगी. शिक्षा विभाग का प्रयास है कि अभियान के दौरान अधिक से अधिक असाक्षर लोगों की पहचान कर उन्हें कार्यक्रम से जोड़ा जाए, ताकि वे पढ़ने-लिखने और बुनियादी गणना जैसे जरूरी कौशल हासिल कर सकें.
