Bokaro News : 22 साल बाद भी नहीं हुआ टीटीपीएस फेज दो का विस्तार

Bokaro News : 660 मेगावाट की दो नयी यूनिटें स्थापित करने की है योजना

Bokaro News : राकेश वर्मा, बेरमो :

बेरमो अनुमंडल अंतर्गत गोमिया के ललपनिया में स्थापित झारखंड सरकार के ताप विद्युत संयंत्र तेनुघाट थर्मल पावर स्टेशन (टीपीपीएस) के फेज टू का विस्तार 22 साल बाद भी नहीं शुरू हो पाया है. टीटीपीएस में फेज टू के विस्तार के लिए नियुक्त परामर्श कंपनी द्वारा टीवीएनएल को डीपीआर सुपुर्द कर चुकी है. करीब नौ हजार 600 करोड़ की लागत से टीटीपीएस में 660 मेगावाट की दो नयी यूनिट लगाने की योजना है.

फिलहाल 210 मेगावाट की चल रही हैं दो यूनिटें

टीटीपीएस के विस्तारीकरण के तहत 660 मेगावाट की दो यानी 1320 मेगावाट की सुपर क्रिटिकल यूनिट स्थापित करने की योजना है. झारखंड सरकार द्वारा आठ मार्च 2016 को इसकी सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है. वर्तमान में टीटीपीएस में 210 मेगावाट की दो यानी कुल 420 मेगावाट क्षमता की यूनिटें संचालित हैं. यह पावर प्लांट 25 साल से अधिक पुराना होने के कारण फिलहाल 420 मेगावाट के स्थान पर 300 से 350 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है. टीटीपीएस के फेज टू के विस्तार होने से राज्य की आधी बिजली की जरूरत पूरी होगी. बताया जा रहा है कि विभागीय समीक्षा बाद हेमंत सरकार की कैबिनेट बैठक में इस पर मुहर लगा सकती है और फिर से ग्लोबल टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो सकती है. फेज टू के विस्तार पर 9543.15 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आयेगी. हालांकि, समय बीतने के साथ लागत राशि में बढ़ोतरी भी हो रही है. इस मामले में एक सकारात्मक बात यह है कि टीवीएनएल पर चल रहा स्वामित्व का विवाद बिहार और झारखंड सरकार ने खत्म कर लिया है. वर्तमान झारखंड सरकार टीटीपीएस के विस्तार को बल दे रही है. हेमंत सरकार के पिछले कार्यकाल के बजट में फेज टू के विस्तार का का प्रस्ताव लिया गया था.

22 दिसंबर 2001 में रखी गयी थी आधारशिला

22 दिसंबर 2001 को राज्य के पहले मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी एवं ऊर्जा मंत्री लालचंद महतो ने टीटीपीएस में सेकेंड फेज के निर्माण की आधारशिला रखी थी, लेकिन टेंडर विवाद के कारण इस प्रोजेक्ट को धक्का लगा. विवाद मंत्रिमंडलीय उपसमिति के पास भी गया, पर कोई हल नहीं निकला. इसके बाद बिहार ने मालिकाना हक का दावा ठोक दिया. हालांकि, अब यह विवाद समाप्त हो चुका है.

राजबार में वर्ष 2015 में कोल ब्लॉक आवंटित

वर्ष 2015 में लातेहार के राजबार में टीवीएनएल को एक कोल ब्लॉक आवंटित हुआ है, लेकिन अब तक उस पर कोयला खनन का काम शुरू नहीं हो पाया है. तकनीकी स्वीकृति की प्रक्रिया बाद वहां खनन शुरू करने को लेकर आवश्यक ग्राम सभाएं आयोजित की जा रही हैं. टीवीएनएल के एमडी अनिल कुमार शर्मा पर गंभीर हैं. वहां टीवीएनएल कार्यालय में मैन पावर भी बढ़ाया गया है. किसी भी परियोजना का विस्तार या नयी परियोजना के लिए अपना कोल ब्लॉक होना आवश्यक है. ऐसे में टीवीएनएल का अपना कोल ब्लॉक चालू होने से टीटीपीएस के विस्तार को बल मिलेगा.

उपयुक्त है फेज टू का लोकेशन व जरूरी संसाधन

टीटीपीएस का लोकेशन और जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सेकेंड फेज निर्माण के लिए उपयुक्त है. निवेशक को यहां काम करने से कोई परेशानी नहीं होगी. टीटीपीएस के पास अपनी रेल लाइन है. पानी के लिए तेनुघाट जलाशय पास में है. नयी यूनिटें स्थापित करने के लिए टीटीपीईस के पास पर्याप्त जमीन भी है. नये प्लांट से लेकर सिविल एरिया तक अच्छा-खासा इंफ्रास्ट्रक्चर है और बेहतर रोड कनेक्टिविटी मौजूद है. टीवीएनएल के पास कुल 1800 एकड़ भूमि है, जो विस्तारीकरण के लिए पर्याप्त से अधिक है.

50 मेगावाट का सोलर पावर प्लांट का काम जल्द शुरू होगा

टीटीपीएस ललपनिया में 50 मेगावाट क्षमता के सोलर पावर प्लांट का काम जल्द शुरू होगा. इसका शिलान्यास पिछले साल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा ऑनलाइन किया गया था. बताया जा रहा है कि आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है. आगामी एक-दो माह में सोलर पावर प्लांट स्थापित करने की प्रक्रिया धरातल पर शुरू हो जायेगी.

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