Bokaro News : सोलर प्लांट लगाने को लेकर त्रिपक्षीय वार्ता

Bokaro News : करगली ऑफिसर्स क्लब में सोमवार को सीसीएल बीएंडके प्रबंधन, चलकरी बस्ती के विस्थापितों व ग्रामीणों और प्रशासन की त्रिपक्षीय वार्ता हुई.

करगली ऑफिसर्स क्लब में सोमवार को सीसीएल बीएंडके प्रबंधन, चलकरी बस्ती के विस्थापितों व ग्रामीणों और प्रशासन की त्रिपक्षीय वार्ता हुई. अध्यक्षता अनुमंडल कार्यपालक पदाधिकारी कुमार कनिष्ट ने की. प्रबंधन ने विस्थापितों से चलकरी में 800 मेगावाट का सोलर प्लांट लगाने के कार्य में सहयोग मांगा. विस्थापितों ने गांव में निशुल्क बिजली उपलब्ध कराने सहित पेयजल व रोजगार की मांग की. कार्यपालक पदाधिकारी ने कहा कि विस्थापितों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जायेगा. जायज मांगें पूरी करायी जायेंगी. चार दशक से यह मामला लंबित है. आपसी सहमति से ही इसका निदान किया जा सकता है. पावर प्लांट निर्माण स्थल में अगर किसी विस्थापित की जमीन है, तो वह कागजात कार्यालय में जमा कराये. गांव में बिजली की मांग जायज है. आगे प्रबंधन को तय करना है. विस्थापितों ने फर्जी लोगों के नियोजन की बात कही है, उसकी जांच की जायेगी. प्रबंधन सोलर प्लांट निर्माण स्थल का चयन करें.बीएंडके जीएम संजय कुमार झा ने कहा कि जिस स्थल पर पवार प्लांट निर्माण कराया जा रहा है, उसका नियोजन व मुआवजा विस्थापितों को पूर्व में दिया जा चुका है. आने वाले 30 वर्षों में कोयला खदान बंद हो जायेगी, ऐसे में बिजली उत्पादन के लिए सोलर प्लांट को बढ़ावा दिया जा रहा है. विस्थापित नेता काशीनाथ केवट ने कहा कि सीसीएल ने चलकरी में लगभग 6464 एकड़ जमीन 45 वर्ष पूर्व डीआरएंडआरडी परियोजना के नाम पर अधिग्रहित की थी. लेकिन आज तक परियोजना शुरू नहीं हो सकी. सीसीएल प्रबंधन गांव की जमीन पर सोलर प्लांट निर्माण करा रहा है, लेकिन इसकी सूचना गांव के किसी जनप्रतिनिधियों व विस्थापित को देना भी जरूरी नहीं समझा. माले नेता भुनेश्वर केवट ने कहा कि यदि गांव में प्रबंधन बिजली देने से इंकार करता है, तो विस्थापित भी सोलर प्लांट के लिए जमीन देने को तैयार नहीं होंगे. जिप सदस्य अशोक मुर्मू ने कहा कि मांगें पूरी नहीं की गयी तो विरोध जारी रहेगा. विस्थापितों ने कहा कि प्रबंधन के पास अगर हमारी जमीन का उपयोग करने की योजना नहीं है, तो क्षतिपूर्ति के साथ डीनोटिफिकेशन की घोषणा करें. इस पर जीएम ने कहा कि डीनोटिफिकेशन की प्रक्रिया की शुरूआत हो गयी है, इसमें थोड़ा समय लगेगा.

15 दिनों के बाद फिर होगी वार्ता

वार्ता में तय हुआ कि चलकरी के विस्थापित रैयत आपसी बैठक कर सर्वसम्मति बनायेंगे. वहीं सीसीएल बीएंडके महाप्रबंधक अपने उच्चाधिकारियों से बातचीत कर विस्थापितों की मांगों पर स्वीकृति लेने का प्रयास करेंगे. 15 दिनों के बाद पुनः त्रिपक्षीय वार्ता कर ठोस निर्णय लिया जायेगा. मौके पर प्रबंधन की ओर से एसओ माइनिंग केएस गेवाल, एसओपी विनय रंजन टुडू, एसओइएंडएम जयशंकर प्रसाद, शंकर कुमार, विस्थापितों की ओर से मुखिया अखिलेश्वर ठाकुर, मो मनीरूद्दीन, अजमत हुसैन, देवानंद गिरि, अशोक मंडल, मो कुतुबुद्दीन, निमाई मंडल, माले नेता राज केवट, मुन्ना गिरि, धर्मेंद्र मंडल, भुवनेश्वर केवट, मो वाजिद, मो मकसूद आलम, कामेश्वर गिरि, सुखराम सोरेन, रवींद्र टुडू, लालेश्वर टुडू, गोविंद टुडू, सुधीर सोरेन, चुन्नीलाल केवट, अर्जुन मांझी, कामेश्वर सोरेन, सुरेश मांझी, कालका मांझी, रंजीत मंडल, दुर्गा सोरेन, परसन मंडल, काशीनाथ सोरेन, चेतलाल मांझी, सुरेश मांझी, बाबूलाल मांझी, मंगरु कपद्दार, राजाराम सोरेन, गोविंद पवारिया, लालू सोरेन, रामप्रसाद मरांडी, रवींद्र सोरेन, देवलाल टुडू, रजनीश सोरेन, निमाई सोरेन आदि मौजूद थे.

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