Bokaro News : कोल इंडिया का 51वां स्थापना दिवस आज

Bokaro News : कोल इंडिया शनिवार को अपना 51वां स्थापना दिवस मनायेगी.

राकेश वर्मा, बेरमो, कोल इंडिया शनिवार को अपना 51वां स्थापना दिवस मनायेगी. राष्ट्रीयकरण से पहले सालाना 79 मिलियन टन कोयला उत्पादन करने वाली कोल इंडिया ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में 781 मिलियन टन उत्पादन किया है. हालांकि इसमें आधा से ज्यादा उत्पादन आउटसोर्स से किया जा रहा है. वित्तीय वर्ष 2027-28 तक कोल इंडिया का उत्पादन लक्ष्य एक बिलियन टन रखा गया है. पब्लिक सेक्टर के क्षेत्र में कोल इंडिया पूरे विश्व में सबसे ज्यादा कोयला उत्पादन करने वाली कंपनी है. कोल इंडिया में भारत सरकार का 90 फीसदी शेयर है. अप्रैल 2011 में भारत सरकार ने इसे महारत्ना कंपनी का दर्जा दिया था. भारत के आर्थिक बाजार में कोल इंडिया पाचवीं सबसे महत्वपूर्ण कंपनी बन गयी है.

दो चरणों में हुआ था कोयला उद्योग का राष्ट्रीयकरण

मालूम हो कि भारत में ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करने के लिए 70 के दशक में कोयला उद्योग का राष्ट्रीयकरण किया गया. राष्ट्रीयकरण से पूर्व प्राइवेट खानगी मालिक खराब तरीके से प्राकृतिक संसाधनों का दोहन कर रहे थे. राष्ट्रीयकरण के बाद साइंटिफिक (वैज्ञानिक) तरीके से देश की मांग के मुताबिक कोयला खनन शुरू हुआ. 1970 के दशक में तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व इंदिरा गांधी ने दो चरणों में कोयला उद्योग का राष्ट्रीयकरण किया था. 1972 में 226 कोकिंग कोल माइंस का (बीसीसीएल) तथा 711 नन-कोकिंग कोल माइंस का (कोल माइंस ऑथरिटी लि.) राष्ट्रीयकरण किया गया. एक नवंबर 1975 को कोल इंडिया का (सीआइएल) का गठन किया गया. अक्तूबर 2010 में कोल इंडिया ने प्रति शेयर 245 रुपये की दर से 10 फीसदी शेयर बेच कर 24 हजार करोड़ रुपया अर्जित किया. आइपीओ में यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा कलेक्शन था. इसके बाद वर्ष 2014-15 में और 10 फीसदी शेयर बेच कर सरकार ने करीब 20 हजार करोड़ रुपये अर्जित किये. अभी तक कोल इंडिया में कुल 32 फीसदी विनिवेश किया जा चुका है.

कोल इंडिया का अभी आठ राज्यों में 81 माइनिंग एरिया है. राष्ट्रीकरण के वक्त कोल इंडिया में 937 कोल माइंस थी. वर्तमान में लगभग 354 ओसी व यूजी माइंस हैं. कोल इंडिया में कुल 17 कोल वाशरी भी हैं. इसमें 12 कोकिंग कोल तथा पांच नन-कोकिंग कोल हैं. इसमें पांच-छह वाशरी बंद हो गयी है. कोल इंडिया में करीब 200 अन्य स्टेब्लीसमेंट है, जिसमें वर्कशॉप तथा अस्पताल शामिल हैं.

कभी मैन पावर था सात लाख, अब 2.20 लाख

राष्ट्रीयकरण के वक्त कोल इंडिया का मैन पावर सात लाख था. आज यह घट कर 2.20 लाख हो गया है. आउटसोर्स में काम करने वाले ठेका मजदूरों की संख्या लगभग पौने लीन लाख है. हालांकि कोल इंडिया के पास इसका आंकड़ा मात्र 90-92 हजार है.

वर्ष मैन पावर2010 404744

2011 3902432012 377447

2013 364736

2014 3522822016 326032

2017 3138292018 302785

2019 2854792020 272445

2021 2590162022 248550

2023 2392102024 228861

2025 220242

गैर कोयला खनिजों की ओर कदम बढ़ा रही कोल इंडिया

माइनिंग टेक्नोलॉजी की प्राथमिकता के कारण मैन पावर में कमी आयी है और कोयला उत्पादन में वृद्धि हो रही है. कोयला जैसे फॉसिल फ्यूल की आने वाले समय में पर्यावरण कारणों से महत्ता घटेगी. इसे देखते हुए कोल इंडिया वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों में निवेश बढ़ा रही है. सौर उर्जा, कोल गैसीफिकेशन एवं क्रिटिकल मिनरल के क्षेत्र में कोल इंडिया की इंट्री हो रही है. कोल इंडिया गैर कोयला खनिजों की ओर अपने कदम बढ़ा रही है.

स्थापना दिवस को लेकर सजाये गये हैं जीएम ऑफिस

कोल इंडिया के स्थापना दिवस को लेकर सीसीएल के बीएंडके, ढोरी व कथारा जीएम ऑफिस को सजाया गया है. आकर्षक विद्युत सज्जा की गयी है. स्थापना दिवस समारोह के दिन पूरे सीसीएल में मैन पावर बजट के अनुसार प्रमोशन का तोहफा कर्मियों को मिलेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By JANAK SINGH CHOUDHARY

JANAK SINGH CHOUDHARY is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >