Bokaro News : इतिहास की बात हो गये बोकारो थर्मल के ए और बी प्लांट

Bokaro News : बोकारी थर्मल में डीवीसी का ए और बी थर्मल पावर प्लांट इतिहास की बात हो चुके हैंं.

संजय मिश्रा, बोकारो थर्मल, बोकारी थर्मल में डीवीसी ने एशिया का पहला 225 मेगावाट वाले ए थर्मल पावर प्लांट का निर्माण वर्ष 1952 में किया था. बाद में यहीं 630 मेगावाट वाले बी पावर प्लांट का भी निर्माण 550 करोड़ रुपये की लागत से किया गया. वर्तमान में बोकारो थर्मल के दोनों पावर प्लांट इतिहास की बात हो चुके हैंं. बी पावर प्लांट की कटिंग का कार्य अंतिम चरण में है. ए पावर प्लांट के ढांचे को बतौर धरोहर सुरक्षित रखा गया है.

एफजीडी प्लांट से हो रहा बेहतर डिप्सम का निर्माण

ए प्लांट में लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत से एफजीडी प्लांट का निर्माण किया गया है. 22 जून को इस प्लांट का सीओडी हो जाने के बाद से कोयला से सल्फर को अलग किया जा रहा है. इस प्लांट से बेहतर क्वालिटी का जिप्सम तैयार किया जा रहा है, जिससे डीवीसी को आर्थिक लाभ हो रहा है. एफजीडी प्लांट को फुल लोड पर चलाने पर प्रतिदिन 160 एमटी लाइम स्टोन की खपत होती है और 230 एमटी जिप्सम भी तैयार किया जा रहा है. एफजीडी प्लांट को इसकी बेहतर कार्यप्रणाली को लेकर अवार्ड भी दिया जा चुका है.

सभी के सहयोग से डीवीसी बोकारो थर्मल ने 78 वर्षों का एक लंबा सफर तय किया है : एचओपी

बोकारो थर्मल के एचओपी सुशील कुमार अरजरिया ने कहा कि सभी के सहयोग से डीवीसी बोकारो थर्मल ने 78 वर्षों का एक लंबा सफर तय किया है. बंद 630 मेगावाट वाले पावर प्लांट के स्थान पर 800 मेगावाट के नया पावर प्लांट लगाया जायेगा. इसको लेकर वर्तमान मार्केट से लेकर जीएम कॉलोनी के एरिया की जमीन या फिर निशन हाट, लेबर क्वार्टर तक की जमीन का उपयोग किया जायेगा. सीएमडी कॉलोनी के एरिया में मल्टी स्टोरेज भवन, मार्केट एवं कम्युनिटी सेंटर का निर्माण होगा. एचओपी ने कहा कि बोकारो थर्मल में भी कोल इंडिया के साथ डीवीसी ज्वाइंट वेंचर में पावर प्लांट का निर्माण करेगा. प्लांट निर्माण कार्य शुरू होने में डेढ़ वर्ष का समय लगने की संभावना है. कहा कि डीवीसी के क्षतिग्रस्त आवासों की मरम्मत को लेकर निविदा हो गयी है और जल्द कार्य शुरू किया जायेगा. कॉलोनी की सड़क के निर्माण को लेकर भी निविदा का कार्य माह के अंत तक कर लिया जायेगा. अधूरे ओवरब्रिज का काम भी जल्द पूरा कर लिया जायेगा. दो नंबर एसटीपी का कार्य पूरा कर लिया गया है और स्थापना दिवस के दिन इसका उद्घाटन किया जायेगा. एक नंबर एसटीपी निर्माण कार्य को लेकर रेलवे की जमीन को लेकर वार्ता की गयी है. विस्थापितों की समस्या का भी निराकरण जल्द ही कर लिया जायेगा. विस्थापित गांव नया बस्ती की समस्या के निराकरण को लेकर प्रबंधन गंभीर है. नया पावर प्लांट लगेगा तो ऐश पौंड का विस्तार किया जायेगा. फिलहाल पौंड में बाहरी तरफ से पत्थर लगाने का कार्य किया जायेगा. बिजली के मसले पर एचओपी ने कहा कि डीवीसी द्वारा फ्री में बिजली देने का कोई प्रावधान नहीं है, कुछ रियायत दी जा सकती है. स्मार्ट मीटर लगाया जाना अच्छी पहल है.

सीएसआर के तहत सोशल वर्क भी करता है डीवीसी : मनीष

बोकारो थर्मल डीवीसी सीएसआर के वरीय प्रबंधक मनीष कुमार चौधरी ने कहा कि डीवीसी बिजली उत्पादन के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सीएसआर के तहत सोशल वर्क भी करता रहा है. महिलाओं व युवतियों को विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है. गांवों मछली व मुर्गी पालन आदि का प्रशिक्षण दिया जा रहा है और विकास के कार्य किये जा रहे हैं. डीवीसी हॉस्पिटल के माध्यम से गांवों में स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाया जाता है. इसके अलावा शिक्षा, कृषि, खेलकूद व सांस्कृतिक विकास कार्यक्रम किये जा रहे हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By JANAK SINGH CHOUDHARY

JANAK SINGH CHOUDHARY is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >