गोमिया प्रखंड अंतर्गत महुआटांड़ क्षेत्र में हाथियों का कहर थम नहीं रहा है. क्षेत्र में कुछ दिनों के विराम के बाद हाथियों के दो-तीन झुंड पुनः सक्रिय हो गये हैं. रविवार की रात को सिमराबेड़ा महतो टोला (कंडेर) के पास मुख्य सड़क में 10-12 हाथियों ने चलती कार से खींच कर सब्जी विक्रेता को मार डाला था. इधर, रात में तीन हाथियों ने बड़कीपुन्नू में उधम मचाया और हीरालाल रजक और राजेंद्र रविदास की चहारदीवारी को दो-तीन जगहों पर तोड़ दिया. फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया. सोमवार को कानीडीह के जंगल में सात-आठ हाथियों का नया झुंड देखा गया है. बताया जा रहा है कि गोला के परसाबेड़ा होते हुए यह झुंड यहां आया है. इससे ग्रामीण चिंतित हैं. लोग जान-माल की चिंता के साथ रतजगा करने को विवश हैं. सूबे के मंत्री सह स्थानीय विधायक योगेंद्र प्रसाद ने सिमराबेड़ा की घटना पर दुख प्रकट करते हुए वन विभाग के वरीय अधिकारी से बात कर हाथियों के झुंड की मॉनिटरिंग करते हुए रोड मैप के अनुसार क्षेत्र से बाहर करने का निर्देश दिया है.
मृतक के आश्रित को तत्काल मिला 25 हजार का मुआवजा
सिमराबेड़ा में हाथी के हमले में मृत रवींद्र दांगी के परिवार को सोमवार को विभाग की ओर से मुआवजा के तौर पर तत्काल 25 हजार रुपये दिये गये. मौके पर स्थानीय मुखिया भानु कुमारी मोदी सहित कई पंचायत प्रतिनिधि और वनकर्मी मौजूद थे. शेष तीन लाख 75 हजार रुपया प्रक्रिया पूर्ण होते ही देने का भरोसा दिया गया. मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया.हाथियों ने 70 दिनों में ली चार लोगों की जान, लाखों की संपत्ति का नुकसान
विदित हो कि हाथियों के हमले में पिछले दो माह में क्षेत्र में चार लोगों की जान जा चुकी है. दस नवंबर की रात को तिलैया रेलवे अंडरपास के निकट पूर्व मुखिया बालेश्वर महतो के पुत्र प्रकाश कुमार महतो और टूनक महतो के पुत्र चरकू महतो, 16 नवंबर की रात को सांझो देवी और 18 जनवरी की रात को सिमराबेड़ा में सब्जी विक्रेता की मौत हुई है. इसके अलावा तिरला, बारीडारी, बड़कीपुन्नू, महुआटांड़, टीकाहारा, केंदुआ, चोरगांवां, कुंदा, खखंडा, मुरपा आदि गांवों मेंहाथियों ने कई घर, चहारदीवारी, वाहन सहित फसलों को नुकसान पहुंचाया है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
