बेरमो प्रखंड अंतर्गत छह पंचायतों के 16 गांवों को मिला कर फुसरो नगर परिषद का गठन किया गया था. इसमें ढोरी, फुसरो, करगली, अमलो, मकोली व कारो पंचायत के ढोरी बस्ती सोतारडीह, घुटियाटांड़, कदमाडीह, सिंगारबेड़ा, बालू बैंकर, रेहवाघाट, बड़कीटांड़, राजाबेड़ा, भेड़मुक्का, मधुकनारी, भलचौथी, अमलो, ताराबेड़ा, बंधुकबेड़ा, कारो बस्ती व कारीपानी गांव शामिल हैं. ये सभी गांव सीसीएल अधिग्रहित क्षेत्र हैं. इसके कारण इन क्षेत्रों में फुसरो नप को विकास कार्यों को धरातल पर उतारने में परेशानी होती है. फुसरो नप क्षेत्र में सीसीएल द्वारा इन क्षेत्रों में अधिग्रहित की गयी लगभग पांच हजार एकड़ जमीन आती है. सीसीएल ढोरी एरिया द्वारा मकोली मौजा में 562 व 52.25, अमलो मौजा में 687, 90 व 4.30, ढोरी मौजा में 365, 253, 116.40 व 95.50 और बीएंडके एरिया द्वारा फुसरो मौजा में 297.61, 374.48, ढोरी मौजा में 786.63, कारो मौजा में 1068.58 , अमलो मौजा में 44.64, करगली मौजा में 112 व 5.25 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया, जो फुसरो नप के क्षेत्र में आती है.
28 में से 22 वार्ड आते हैं सीसीएल अधिग्रहित क्षेत्र में
फुसरो नप का गठन करते हुए 28 वार्ड बनाये गये. इनमें से 22 वार्ड सीसीएल अधिग्रहित क्षेत्र में आते हैं. वार्ड नंबर 17, 22, 23, 24, 25, 26 अधिग्रहित क्षेत्र से बाहर हैं. लेकिन वार्ड नंबर 17 व 25 के कुछ क्षेत्र सीसीएल अधिग्रहित क्षेत्र में आते हैं.
लोग करते आये हैं होल्डिंग टैक्स का विरोध
सीसीएल अधिग्रहित क्षेत्र होने के कारण लोग फुसरो नप द्वारा लिये जाने वाले होल्डिंग टैक्स का विरोध करते आये हैं. वर्ष 2017 में उच्च न्यायालय भी जा चुके हैं. लेकिन अभी तक यह मामला विचाराधीन है. सीसीएल क्षेत्र की कॉलोनी, अस्पताल, स्कूल, महाप्रबंधन कार्यालय व अन्य सीसीएल भवन का होल्डिंग टैक्स सीसीएल जमा करती है. जबकि होल्डिंग टैक्स के विरोध में सीसीएल ढोरी व बीएंडके एरिया प्रबंधन भी उच्च न्यायालय जा चुका है. यह मामला भी विचाराधीन है.
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