केंद्रीय कोयला राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने शनिवार को बेरमो के संडेबाजार में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि देश के कोयला सेक्टर ने पिछले वित्तीय वर्ष में एक बिलियन टन कोयला उत्पादन के आंकड़े को पार किया था. चालू वित्तीय वर्ष में भी बेहतर उत्पादन होगा. इस बार बारिश अधिक हुई है, जिसके कारण उत्पादन में थोड़ी बाधा हुई. फिलहाल कोल इंडिया के पास 55 दिनों का कोयला खदानों के बाहर स्टॉक में हैं. 25 दिनों का कोयला पावर प्लांट के पास है. छह दिनों का कोयला ट्रांसपोर्टिंग के लिए है. देश का कोई भी पावर प्लांट कोयले की कमी से बंद नहीं होगा. चार लेबर कोड के संबंध में पूछे गये सवाल पर कहा कि ये मजदूर हित में हैं. पहले घिसा-पिटा कानून था, जिसमें हमारी सरकार ने बदलाव किया है. कोल इंडिया की कुछ कंपनियों में कोयले का कंज्यूमर नहीं मिलने के सवाल पर कहा कि ऐसी बात नहीं है. पहले कोल लिंकेज नहीं मिलता था. कोल लिंकेज उन्हीं को मिलता था, जिसकी राजनीतिक पकड़ रहती थी. आज ओपन बाजार में हमारा कोयला बिक रहा है. हम विश्व के बाजार में भारत के कोयले को बेचना चाहते हैं. विदेशों से हो रहे कोकिंग कोल के आयात को कम करने के संबंध में कहा कि इसको लेकर कोयला मंत्रालय गंभीरता से काम कर रहा है. मिशन कोकिंग कोल प्लान बनाया है. झरिया एक्शन प्लान भी बनाया गया है. कहा कि विस्थापन में राज्य सरकार का सहयोग नहीं मिला है. झारखंड की कोयला खदानों में वृहद पैमाने पर हो रही कोयला चोरी के संबंध में कहा कि हम चोर को पकड़ कर राज्य सरकार के हाथ में देते हैं, लेकिन राज्य सरकार सहयोग नहीं करती. जब तक राज्य का सहयोग नहीं मिलेगा, कोयला चोरी पर अंकुश मुश्किल है.
Bokaro News : कोयले की कमी के कारण कोई पावर प्लांट बंद नहीं होगा : मंत्री
Bokaro News : केंद्रीय कोयला राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने बेरमो के संडेबाजार में पत्रकारों से बात की.
