चंद्रपुरा. सांस्कृतिक कार्य निदेशालय झारखंड सरकार के सौजन्य से वेलफेयर सेंटर चंद्रपुरा में चल रहे 21 दिवसीय नाट्य प्रशिक्षण के तहत रविवार की रात को सांस्कृतिक संस्था धरोहर की ओर से हिंदी नाटक ””बगिया बांछाराम की”” का मंचन किया गया. मनोज मित्र की लिखित इस नाटक का निर्देशन संजय कुमार व संजीव ने किया. नाटक की कहानी 95 वर्षीय बांछाराम की बगिया को हड़पने के लिए एक जमींदार द्वारा रची जाने वाले षडयंत्रों से जुड़ी है. इसके चक्कर में जमींदार खुद कंगाल होकर मर जाता है. प्रस्तुत नाटक में प्रकृति प्रेम और जीने की इच्छा शक्ति का बखूबी चित्रण किया गया. दूसरी ओर सामंतवादी दुष्चक्र और धरती को व्यापार का साधन बनाने वाली मानसिकता व उपभोक्तावादी संस्कृति का परिलक्षित करते हुए तीखे कटाक्ष भी किये गये. नाटक में स्थानीय कलाकारों ने अभिनय की गहरी छाप छोड़ी.
मंचित नाटक में बांछाराम की भूमिका मनोज कुमार, गोपी की संतोष कुमार, नौकोड़ी की प्रदीप कुमार, मुख्तार की मो वाहिद, पदमा की वंदना एंथोनी, छैकौड़ी की श्याम कृष्ण खत्री, लोटन छोटन की सुमित कुमार, ज्योतिषी की विक्रांत पासवान, मालकिन की पिंकी कुमारी दास, चोर की सोनू सिंह, डॉ गोविंद की राहुल कुमार ने निभायी. अन्य भूमिकाओं में प्रेम, कृष्णा, शबनम, अर्चना थे. नेपथ्य में आयोजन प्रभारी लक्ष्मी कुमारी व लक्ष्मी दास, मंच प्रबंधन लक्ष्मी देवी, प्रकाश विक्रांत पासवान, रूप व वस्त्र सज्जा संतोष व मृत्युंजय भौमिक, मंच सज्जा मृत्युंजय भौमिक, बैक ग्राउंड म्यूजिक संजीव, बिरजु व करण, प्रचार प्रसार श्याम कृष्ण खत्री, सहायक निर्देशन स्वीटी व संतोष, मंच संचालन वर्षा अग्रहरि, आयोजन सहायक में रूपेंद्र नारायण सिंह, रामकुमार महाराज, अरुण, मनोज की भूमिका रही.प्रशंसनीय है आज के दौर में नाट्य विधा को जीवित रखना : विजया नंद
नाटक से पूर्व आयोजित समारोह का उद्घाटन मुख्य अतिथि सीटीपीएस के परियोजना प्रधान विजया नंद शर्मा व जिप सदस्य नीतू सिंह ने किया. श्री शर्मा ने कहा कि आज के दौर में जहां सोशल मीडिया, वेब सीरीज और टीवी सीरियल लोगों की पसंद है, वैसे में नाट्य विधा को जीवित रखना प्रशंसनीय है. यह विधा आज भी लोगों को आकर्षित और प्रभावित करती है. चंद्रपुरा में नाटकों का मंचन निरंतर होना चाहिए. मुख्य अतिथि ने स्थानीय कलाकार संजीव श्रीवास्तव व नृत्यांगना तनुश्री घोष को धरोहर नाट्य रत्न सम्मान से सम्मानित किया. वर्षा अग्रहरि, नीतू कुमारी, लक्ष्मी देवी एवं वंदन एंथोनी को शिक्षक सम्मान व सभी कलाकारों को कला सम्मान से सम्मानित किया गया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
