आरएसएस के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में मंगलवार को सिटी सेंटर-04 स्थित गणेश पूजा स्थल में हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया. प्रांत कार्यवाह संजय जी कहा कि बच्चों को हर क्षेत्र में उत्कृष्ट बनाना समय की मांग हो सकती है. लेकिन, बच्चों में संस्कार बोध होना समय की आवश्यकता है. पूरे विश्व में सनातन संस्कृति ही है, जो समस्त जीव व दुनिया के कल्याण की कामना करती है. जब तक स्व व स्वदेशी का बोध था, देश विश्वगुरु था. लेकिन, विदेशी आक्रांताओं के कारण यह बोध कम हुआ. स्वदेशी को अपनाना होगा. कहा कि भारतीय परिवार संरचना को तोड़ने की गहरी साजिश हो रही है. परिवार के सदस्य चाहे कहीं भी रहे, माह-दो माह या साल में एक बार सभी एकत्रित हों. परिवार का आकार छोटा हो रहा है. अब सिंगल चाइल्ड की धारणा चल रही है. यह सही नहीं है. इससे जनसंख्या अनुपात में असंतुलन होगा. देश में नौजवान ऊर्जा की कमी होगी. सप्ताह में एक दिन मोबाइल उपवास करना चाहिए.
हनुमान चालीसा के पाठ से हुई कार्यक्रम की शुरुआत
इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत हनुमान चालीसा के पाठ से हुई. रामचरितमानस पर आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता हुई. रवि जायसवाल ने राम दूत महाबली हनुमान व हिंदू हृदय सम्राट हिंदवी साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी के बारे में बताया. स्थानीय स्तर पर समाज के लिए योगदान देने वाले केदार सिंह, सुभाष नेत्रगांवकर, साधू जी, धनंजय सिंह, परमेश्वर लाल वर्णवाल के साथ गणेश मंडली व श्री राम मंडली अखाड़ा प्रमुख को सम्मानित किया गया. मौके पर शिव अग्रवाल, राज कुमार प्रिय, मनोज कुमार, अरविंद रस्तोगी, संजय ठक्कर, राज कुमार सिंह, विशाल गौतम, सुनील कुमार, अशोक सिंह, मिथिलेश कुमार, रंजीत कुमार वर्णवाल, परमेश्वर लाल वर्णवाल, राजकुमार सिंह, प्रशांत कुमार, अघनू गोराई, दीनदयाल शर्मा आदि थे.
