राजकीयकृत रामबिलास 10 प्लस टू इंटरमीडिएट रोजगारोन्मुखी विद्यालय पूरे बेरमो प्रखंड में एकमात्र सरकारी विद्यालय है, जहां प्लस टू (इंटर) तक की पढ़ाई होती है. यहां दूर-दराज से छात्र-छात्राएं पढ़ाई करने आते हैं. फिलहाल छात्र-छात्राओं की संख्या लगभग 1109 है. कभी इस विद्यालय की छात्राओं के लिए सीसीएल द्वारा आधा दर्जन स्कूली बसें चलायी जाती थीं. लेकिन वर्ष 2015 के पहले सीसीएल ने ये सुविधा बंद कर दी. फिलहाल सैकड़ों छात्राएं रोजाना 10 किमी तक की दूरी तय कर स्कूल आती और जाती हैं. कभी पैदल तो कभी ऑटो से आना-जाना करती हैं. कई छात्राओं के परिजन दोपहिया वाहन से स्कूल पहुंचाते हैं. सैकडों छात्राएं करगली-जरीडीह मुख्य मार्ग से होकर पैदल, तो कई फुसरो-बरकाकाना रेल मार्ग के किनारे-किनारे से होकर आना-जाना करती हैं. इस विद्यालय में बेरमो के जरीडीह बाजार, संडे बाजार, कुरपनिया, खासमहल, गांधीनगर, चलकरी, बेरमो सीम, जवाहरनगर, रामनगर, सुभाषनगर, मकोली, सिंह नगरी फुसरो आदि से विद्यार्थी आते हैं. शिक्षकों के अनुसार गिरिडीह के पूर्व सांसद रवींद्र कुमार पांडेय ने संसदीय कार्यकाल में इस विद्यालय को एक स्कूल बस दी थी. कुछ साल तक इसका परिचालन होता रहा. लेकिन रखरखाव के अभाव में वर्ष 2020 से बस का परिचालन बंद है.
क्या कहना है छात्राओं का
जरीडीह बस्ती व करमाटांड़ से आने वाली दसवीं की छात्रा चाहत कुमारी, नेहा कुमारी, खुशी कुमारी व नेहा रानी ने कहा कि रोज तीन-चार किमी पैदल दूरी तय कर पहले जरीडीह मोड़ आते हैं. यहां से ऑटो या पैदल चल कर पांच-छह किमी दूर स्कूल आना-जाना पड़ता है. ऑटो से आवागमन करने पर हर माह 300 से लेकर 400 रुपये भाड़ा में खर्च होते हैं. विद्यालय की छात्राओं का कहना है कि अब तो पैदल ही स्कूल आना और जाना पड़ता है. कई बार समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते हैं. मुख्य सड़क से होकर पैदल चलने के दौरान दुर्घटना का भय बना रहता है.
कई विद्यालयों के लिए हायरिंग में चलती हैं नौ बसें
जानकारी के अनुसार सीसीएल बीएंडके एरिया में फिलहाल हायरिंग पर विभिन्न स्कूलों व कॉलेजों के लिए करीब नौ बसों का परिचालन किया जा रहा है. झब्बू सिंह महिला कॉलेज, कार्मल स्कूल करगली, संत अन्ना विद्यालय कुरपनिया, कृष्णा सुदर्शन सेंट्रल स्कूल गांधीनगर, पिट्स माॅडर्न स्कूल गोमिया, डीएवी स्वांग, केंद्रीय विद्यालय बोकारो थर्मल, भरत सिंह पब्लिक स्कूल फुसरो के लिए इन बसों का परिचालन होता है. इसमें बीएंडके एरिया अंतर्गत एकेके परियोजना से दो, बोकारो कोलियरी से चार तथा करगली कोलियरी से तीन बसों का संचालन किया जाता है.
ढाई साल से नहीं हुई एरिया वेलफेयर कमेटी की बैठक
सीसीएल बीएंडके एरिया में करीब ढाई साल से वेलफेयर कमेटी की बैठक नहीं हुई है. इसलिए स्कूल बसों की संख्या बढ़ाने पर चर्चा नहीं हो पायी. बीएंडके एरिया वेलफेयर कमेटी के सदस्य सुजीत कुमार घोष ने कहा कि पूर्व की बैठकों में बसों का परिचालन विभिन्न स्कूलों के लिए समान रूप से नहीं होने का मामला उठाया गया था. कई बसों का कागजात सही नहीं है, इसकी भी जांच होनी चाहिए.
