संवाददाता, बोकारो
57वें बैंक राष्ट्रीयकरण दिवस पर सेक्टर चार स्थित मिलन हॉल में रविवार को बैंक ऑफ इंडिया इम्प्लाइज यूनियन के बोकारो अंचल की आम सभा हुई. उद्घाटन अध्यक्ष एसके अदक, महासचिव दिनेश झा लल्लन, उप महासचिव उमेश कुमार दास, एसएन दास, संगठन सचिव राकेश मिश्रा, कोषाध्यक्ष प्रदीप कुमार, साकेत कुमार शर्मा व राजेश कुमार ने संयुक्त रूप से किया. सहायक सचिव एनके दास ने स्वागत उद्बोधन व संचालन संगठन सचिव ने किया. यूनियन प्रदेश महासचिव दिनेश झा लल्लन ने कहा कि अपने अधिकारों की रक्षा व हक पाने के लिए संघर्ष ही एकमात्र रास्ता है. बैंकों के राष्ट्रीयकरण से बैंकों में रोजगार पाने के अवसर बढ़े व कर्मचारियों को सुनिश्चित सेवा शर्त, काम के घंटे का निर्धारण व सम्मानजनक पारिश्रमिक मिलना प्रारंभ हुआ. आमजनों के लिए बैंक की सुविधा आसान हुई. लेकिन दुर्भाग्य से 1991 से प्रारंभ नयी आर्थिक नीति के कारण बैंकों को फिर से निजी क्षेत्र में ले जाने की प्रक्रिया प्रारंभ की गयी. बैंकों में जमा राशि पूर्णत आम जनता की है. इसका सही संरक्षक सरकार ही हो सकती है, ना की कोई निजी व्यक्ति या निजी व्यावसायिक घराना. मजदूरों को कोई भी हक बिना संघर्ष के प्राप्त नहीं हो पाया है. आज फिर से ऐसी स्थिति उत्पन्न की जा रही है. हमें अपने अस्तित्व और बैंकों को बचाने के लिए संघर्ष के साथ खड़ा होना पड़ेगा. मौके पर प्रदीप कुमार, इंद्रजीत चौधरी, परमहंस कुमार, जगन्नाथ दास, प्रियंका कुमारी, कृष्ण तिवारी, शिव शंकर भगत, शुभम दोस्त, दीपक कुमार विनय कुमार अजय कुमार, निवारण मंडल आदि मौजूद थे.
