Bokaro News : राख में दुकानदार तलाश रहे उम्मीद, दिखा मायूसी भरा मंजर

Bokaro News : दुंदीबाद बाजार मोड़ अग्नि हादसा : छह दुकानों में लग गयी थी आग, 20 लाख रुपये से अधिक का हुआ है नुकसान

Bokaro News : धर्मनाथ कुमार, बोकारो.

बोकारो के दुंदीबाद बाजार मोड़ पर सड़क किनारे शनिवार की दोपहर में छह दुकानों में आग लग गयी थी, जिससे करीब 20 लाख रुपये से अधिक सामान का नुकसान हो गया था. अग्नि हादसे के बाद रविवार की सुबह का मंजर दिल को छू लेने वाला था. दुकानदार अपनी दुकानों में जल चुके सामान को देखकर भावुक नजर आये. कुछ व्यापारियों की आंखें नम हो गयीं, तो कुछ लोग राख में दुकानों का बचा-खुचा सामान तलाशते दिखे.

दुंदीबाद बाजार मोड़ की रौनक गायब हो गयी है. आग से जली दुकानें और वहां का मंजर यहां आने वाले लोगों को मायूस कर रहा था. दुकानदारों का कहना है कि सोचा नहीं था कि एकदम से हमारी दुनिया बदल जायेगी. हर रोज अपनी दुकानों पर आकर बैठते थे, व्यापार करके परिवार का भरण पोषण करते थे, लेकिन अग्नि हादसे ने हमारी रोजी-रोटी छीन ली है.

अब कैसे चलेगी आजीविका, कैसे नये सिरे से शुरू करेंगे व्यापार

अब व्यापारियों को इस बात की चिंता सता रही है कि आज कहां बैठें, अब आजीविका कैसे चलेगी, कैसे नये सिरे से व्यापार शुरू करेंगे. इसी उधेड़बुन में व्यापारी रविवार की सुबह ही अपनी दुकानों को संभालने के लिए पहुंच गये. रुई-गद्दे की एक दुकान से शुरू हुई आग ने आधा दर्जन भर व्यापारियों की आंखों में आंसू ला दिये हैं. अब दुकानों में जला हुआ रुई गद्दा, फर्नीचर, फल, टेबल-कुर्सी, दो बाइक, आलमारी और दरकीं हुई काली दीवारें ही बची हैं

पीड़ित दुकानदार गुप्तेश्वर साव, वकील यादव, तिलेश्वर यादव, मो मुस्लिम, असगर अली व अफसर अली ने कहा कि हमलोगों का पूरा परिवार इसी दुकान पर निर्भर था. रोजाना अपनी मेहनत से कमाते थे, लेकिन आग लगने से हमलोगों की रोजी रोटी छीन गयी है. कहा कि अब तक बर्बाद हुए दुकानदारों के लिए प्रशासन से कोई मदद नहीं मिली और ना ही सामाजिक संगठन ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया है. नुकसान की भरपाई की आस दुकानदारों में लगी हुई है.

प्रतिवर्ष अगलगी से दुकानदारों के खून-पसीने की कमाई हो जाती है स्वाहा : भागवान ओझा

झारखंड अग्निशमन बोकारो प्रभारी भागवान ओझा ने सभी लोगों से अपील की है कि भले ही आग की विभीषिका को रोका नहीं जा सकता, लेकिन थोड़ी सी सावधानी बरत इसकी विभीषिका को काफी हद तक कम किया जा सकता है. बोकारो में कभी दुंदीबाद बाजार धधक रहे हैं तो कहीं विभिन्न स्थानों के दुकान, घर-मकान खाक हो रहे हैं. जिला में प्रतिवर्ष अगलगी से दुकानदारों के खून-पसीने की गाढ़ी कमाई स्वाहा हो जाती है. बाजार में बांस-बल्ली से दुकान बनने के साथ-साथ एक दूसरे से सटे भी रहते हैं. ऐसे में एक दुकान में आग लगती है तो और भी दुकानें चपेट में आकर अगलगी में भारी क्षति हो जाती है. आग की विभीषिका को थोड़ी सी सावधानी व जागरूकता से कम किया जा सकता है.

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Author: MANOJ KUMAR

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