प्रतिनिधि, बोकारो
देवों के देव महादेव की आराधना का सबसे पवित्र माह सावन 30 जुलाई से शुरू हो रहा है. सावन की आहट के साथ ही बोकारो का माहौल पूरी तरह भक्तिमय होने लगा है. शहर और गांवों के शिवालयों में घंटियों की गूंज, "हर-हर महादेव" और "बोल बम" के जयघोष सुनाई देने लगे हैं. मंदिरों की साफ-सफाई, रंग-रोगन और आकर्षक सजावट अंतिम चरण में है, जबकि बाजारों में भगवा रंग छाने लगा है. कांवड़, पूजा सामग्री और भगवा परिधानों की दुकानों पर खरीदारी लगातार बढ़ रही है.इस वर्ष सावन की पहली सोमवारी तीन अगस्त, दूसरी 10 अगस्त, तीसरी 17 अगस्त और चौथी व अंतिम सोमवारी 24 अगस्त को होगी. इन चारों सोमवार को जिले के प्रमुख शिवालयों में सुबह से देर रात तक जलाभिषेक और दर्शन-पूजन का सिलसिला चलेगा. मंदिर समितियां श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैरिकेडिंग, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और कतारबद्ध दर्शन की तैयारी में जुटी हैं.
जागृत शिवालयों में विशेष अनुष्ठान की तैयारी
सेक्टर-03 स्थित जगदिश्वर शिवनाथ मंदिर बोकारो के जागृत शिवालयों में माना जाता है. श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई मुराद जरूर पूरी होती है. पूरे सावन माह प्रतिदिन रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप, शिव आरती और विशेष पूजा-अर्चना होगी. सेक्टर-12 के ओमकारेश्वर शिव मंदिर में भव्य श्रृंगार और रुद्राभिषेक का आयोजन होगा. वहीं कैंप-दो स्थित श्री श्री केदारेश्वरनाथ मृत्युंजय शिव मंदिर, सेक्टर-04 के श्री उमानाथ त्र्यंबकेश्वर शिव मंदिर, सेक्टर-01 के रामेश्वर शिव मंदिर और चेचाका धाम में भी पूरे सावन धार्मिक अनुष्ठानों की श्रृंखला चलेगी. इन मंदिरों में दूर-दराज से भी श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है.
श्रद्धा का संदेश देता है सावन
पंडित कौशल कुमार पांडेय, पंडित लखेंद्र पांडेय और पंडित निकेश उपाध्याय ने बताया कि सावन में भगवान शिव की पूजा, जलाभिषेक और सोमवार व्रत का विशेष महत्व है. इस माह श्रद्धा और विधि-विधान से की गई शिव आराधना से मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है. उन्होंने श्रद्धालुओं से ''ॐ नमः शिवाय'' मंत्र का जाप करने, मंदिर परिसर में स्वच्छता बनाए रखने तथा प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने की अपील की.
भगवा रंग में रंगे बाजार
सावन की शुरुआत से पहले ही चास, दुंदीबाग बाजार सहित अन्य बाजारों में रौनक बढ़ गई है. दुकानों पर कांवड़, भगवा टी-शर्ट, गमछा, रुद्राक्ष माला, पूजा थाली, तांबे के लोटे, कलश, धूप, अगरबत्ती, दीपक, त्रिशूल और फूल-मालाएं आकर्षक ढंग से सजाई गई हैं. दुकानदारों का कहना है कि पहले सोमवार से बिक्री में और तेजी आएगी. फूल, फल, दूध और प्रसाद विक्रेताओं ने भी विशेष तैयारी कर ली है.
