Bokaro News : अंतरराष्ट्रीय संताल सरना धर्म महासम्मेलन तीन नवंबर से

Bokaro News : गोमिया स्थित लुगूबुरु घांटाबाड़ी धोरोमगाढ़ में तीन से पांच नवंबर तक 25वां अंतरराष्ट्रीय संताल सरना धर्म महासम्मेलन का आयोजन होगा.

बेरमो/ललपनिया, संताली आदिवासियों के महान धर्मस्थल गोमिया स्थित लुगूबुरु घांटाबाड़ी धोरोमगाढ़ में तीन से पांच नवंबर तक 25वां अंतरराष्ट्रीय संताल सरना धर्म महासम्मेलन का आयोजन होगा. पांच नवंबर को सोहराय कुनामी (कार्तिक पूर्णिमा) के दिन मुख्य कार्यक्रम होगा. कार्यक्रम की तैयारी को लेकर गुरुवार को ललपनिया स्थित श्यामली गेस्ट हाउस सभागार में डीसी अजय नाथ झा और एसपी हरविंदर सिंह ने जिला स्तरीय पदाधिकारियों, आयोजन समिति और विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की. डीसी ने महोत्सव की रूपरेखा, प्रबंधन और आयोजन से जुड़ी तैयारियों पर चर्चा करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये. कहा कि यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं है. यह झारखंड की संस्कृति, एकता और अस्मिता का उत्सव है. हमारा लक्ष्य है कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सर्वोत्तम अनुभव मिले. इस बार का आयोजन अधिक भव्य, व्यवस्थित और ऐतिहासिक होगा. सभी विभागों को मिलकर काम करने और सतत समन्वय बनाये रखने का निर्देश बेरमो एसडीएम, गोमिया के सीओ व बीडीओ समेत सभी विभागों को आदेश दिया. प्रतिदिन आयोजन स्थल का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा.

पहाड़ तक जाने वाले सभी मार्गों की हो रही मरम्मत

डीसी ने कहा कि पहाड़ तक जाने वाले सभी मार्गों की मरम्मत, सफाई और प्रकाश व्यवस्था की जा रही है. प्रमुख स्थलों पर साइन बोर्ड, सूचना केंद्र, विश्राम स्थल और पेयजल स्टॉल स्थापित किये जा रहे हैं. पीएचइडी, विद्युत विभाग, नगर निकाय को पर्याप्त पेयजल, बिजली, शौचालय और सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष शौचालय और विश्राम स्थल बनाये जा रहे हैं. यातायात व्यवस्था के लिए ट्रैफिक रूट और पार्किंग जोन की मैपिंग की जा रही है. एसडीओ चास प्रांजल ढंडा को यातायात प्रबंधन की निगरानी सौंपी गयी है. महोत्सव के दौरान ड्रोन कैमरा, कंट्रोल रूम और पेट्रोलिंग टीम की व्यवस्था होगी. श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल और दंडाधिकारी तैनात रहेंगे. स्थल पर सूचना सहायता केंद्र और स्वास्थ्य शिविर स्थापित किये जायेंगे. स्वास्थ्य विभाग को चयनित स्थल पर डॉक्टर, एम्बुलेंस और प्राथमिक उपचार सामग्री उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. टेंट सिटी और अतिथियों के आवास की व्यवस्था लगभग पूरी हो गयी है. आवश्यकता अनुसार विभागीय कैंप कार्यालय भी खोले जायेंगे.

इस वर्ष का आयोजन दिशोम गुरु की स्मृति को समर्पित

डीसी ने कहा कि इस वर्ष का आयोजन दिशोम गुरु शिबू सोरेन की स्मृति को समर्पित रहेगा. आयोजन स्थल पर टेराकोटा से निर्मित प्रतिमा का अनावरण किया जायेगा. दिसंबर माह तक स्थायी आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की योजना है. आदिवासी लोकनृत्य, पारंपरिक वाद्ययंत्र प्रदर्शन, साहित्यिक परिचर्चा और प्रदर्शनी आयोजन के मुख्य आकर्षण होंगे. स्थानीय कलाकारों, छात्र-छात्राओं और स्वयंसेवी संगठनों की भागीदारी से उद्घाटन व समापन समारोह ऐतिहासिक बनाया जायेगा. महोत्सव में आदिवासी भाषा, पहनावा, कला और लोकगीतों की प्रदर्शनी झारखंड की सांस्कृतिक आत्मा को जीवंत करेगी. एसपी ने कहा कि महोत्सव के दौरान पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, दंडाधिकारी और स्वयंसेवक तैनात रहेंगे. संयुक्त नियंत्रण कक्ष बनाया जायेगा. बैठक में डीडीसी शताब्दी मजूमदार, बेरमो एसडीओ मुकेश मछुआ, एसडीपीओ बीएन सिंह, डीटीओ मारुती मिंज, जनसंपर्क पदाधिकारी रवि कुमार, समिति अध्यक्ष बबुली सोरेन, सचिव लोबिन मुर्मू सहित कई लोग उपस्थित थे. मौके पर समिति के सदस्यों ने डीसी के समक्ष कई मांगे रखीं. इस पर डीसी ने भरोसा दिया.

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