बोकाराे : ट्रेड यूनियन संयुक्त मोर्चा बोकारो की ओर से सेल कर्मियों व ठेका मजदूरों के ज्वलंत मुद्दों को लेकर सोमवार से मासव्यापी मजदूर संवाद कार्यक्रम बोकारो स्टील प्लांट-बीएसएल के सीआरएम तीन विभाग से शुरू किया गया. एटक के महामंत्री रामाश्रय प्रसाद सिंह ने कहा : पिछला वेतन समझौता आज भी पूरा नहीं हुआ है. आज तक एमओए नहीं हुआ है. सेल प्रबंधन मजदूरों का कमाया हुआ एरियर नहीं देना चाहती है.
ग्रेच्यूटी पर एक-तरफा सीलिंग, एक-एक मजदूरों को लाखों रुपए का नुक़सान
वहीं, दूसरी ओर ग्रेच्यूटी पर एक-तरफा सीलिंग लगा दिया गया है, जिससे एक-एक मजदूरों को लाखों रुपए का नुक़सान हो रहा है. एक ही कारखाने में काम करने के बावजूद अधिकारियों के समान छूट्टी मजदूरों को नहीं मिलता है. आज भी वही पुरानी इंसेंटिव रिवार्ड की पॉलिसी चल रही है. वहीं, दूसरी ओर वीआर, सीआर, ग्रेडिंग खराब करने के नाम पर मजदूरों में भय का वातावरण बनाया जा रहा है.
सम्मानजनक वेतन, सामाजिक सुरक्षा, ठेका श्रमिकों का नियमितीकरण
सीटू के महामंत्री आर के गोरांई ने कहा : श्रमिक वर्ग ने औपनिवेशिक काल में अत्यधिक शोषण के खिलाफ व स्वतंत्र भारत में भी आठ घंटे के कार्यदिवस, कार्यस्थल सुरक्षा, यूनियन बनाने और संगठित होने के अधिकार, सामूहिक सौदेबाजी, आंदोलन करने और हड़ताल के अधिकार के लिए संघर्ष किया है. उन्होंने सम्मानजनक वेतन, सामाजिक सुरक्षा, ठेका श्रमिकों के नियमितीकरण की लड़ाई का आह्वान किया.
यूनियन बनाना कठिन, पंजीकरण मुश्किल व निरस्तीकरण आसान
एचएमएस के आरके सिंह ने कहा : वर्तमान केंद्र सरकार श्रम संहिताओं के माध्यम से इन उपलब्धियों को समाप्त करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है. इन संहिताओं में ऐसे कठोर और दमनकारी प्रावधान हैं, जिनसे यूनियन बनाना कठिन, पंजीकरण मुश्किल और निरस्तीकरण आसान हो जायेगी. नियोक्ताओं के उल्लंघनों को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया है.
श्रम संहिताओं के खिलाफ संघर्ष जारी रखने के अलावा कोई विकल्प नहीं
उन्होंने आगे कहा कि ऐसी स्थिति में ट्रेड यूनियनों और मजदूरों के पास इन श्रम संहिताओं के खिलाफ संघर्ष जारी रखने और उनके क्रियान्वयन के खिलाफ प्रतिरोध खड़ा करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है. पीके किस्कू, एसके सिंह, डी नायक, आनन कुमार, सीएस मुंडा, सीआर महतो, एसपी सिंह, एमके राय, इश्तियाक अंसारी, देव कुमार, आर बिंदानी, राजू कुमार, राहुल आदि ने संवाद कार्यक्रम को समृद्ध किया.
