Bokaro News : बोकारो थर्मल प्लांट से बिजली उत्पादन बंद होने का खतरा

Bokaro News : बोकारो थर्मल स्थित डीवीसी के 500 मेगावाट वाले 'ए' पावर प्लांट के संचालन पर गंभीर संकट आ गया है.

बोकारो थर्मल, बोकारो थर्मल स्थित डीवीसी के 500 मेगावाट वाले ”ए” पावर प्लांट के संचालन पर गंभीर संकट आ गया है. एचओपी सुशील कुमार अरजरिया ने कहा कि ऐश पौंड से बंद छाई उठाव की समस्या का समाधान बुधवार रात तक नहीं निकला, तो इस प्लांट से बिजली उत्पादन बंद करने की घोषणा कभी भी की जा सकती है. उन्होंने बताया कि दोनों ऐश पौंड पूरी तरह भर चुके हैं और सेलो सिस्टम से ड्राई ऐश की ट्रांसपोर्टिंग भी बंद है. इस स्थिति में पावर प्लांट से उत्पादन करना खतरनाक हो गया है. मंगलवार की रात से हो रही बारिश ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है. भरे हुए ऐश पौंड और बारिश के कारण छाई के कोनार और दामोदर नदी में बहने का भी खतरा बढ़ गया है, जिससे डीवीसी को नदी प्रदूषण का मामला झेलना पड़ सकता है. स्थिति से डीवीसी मुख्यालय को अवगत करा दिया गया है. मुख्यालय स्तर से समस्या के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किये जा रहे हैं.

सात जिलाें को झेलना पड़ेगा संकट

500 मेगावाट का प्लांट बंद होने की स्थिति में डीवीसी के कमांड जिलों धनबाद, कोडरमा, गिरिडीह, हजारीबाग, रामगढ़, रांची और बोकारो में गंभीर बिजली संकट का सामना करना पड़ सकता है. उपभोक्ताओं को रोटेशन पर लंबी बिजली कटौती झेलनी पड़ सकती है. धनबाद और बोकारो जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली संकट से कल-कारखानों का संचालन प्रभावित होगा. बिजली संकट से आम जनजीवन भी प्रभावित होगा.

काम से बैठाया जा सकता है 500 मजदूरों को

पावर प्लांट बंद होने की स्थिति में प्लांट के सीएचपी, बॉयलर, टर्बाइन, ऐश प्लांट, स्वीच यार्ड, सीएंडआइ, इएसपी, इनसाइड पावर हाउस इलेक्ट्रिक, सिविल, एसी, पेलोडर कोल फीडिंग, एफजीडी में कार्यरत लगभग 500 मजदूरों को काम से बैठाया जा सकता है. ऐश पौंड से छाई का उठाव साढ़े तीन माह से बंद रहने के कारण 57 मजदूर पहले ही काम से बैठ चुके हैं.

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