Bokaro news : आने वाली पीढ़ी के लिए प्रकृति की रक्षा हमारी जिम्मेदारी, इसका कोई विकल्प नहीं : डॉ कौशिक

Bokaro news : ‘स्टेट ऑफ एनवायरमेंट एंड क्लाइमेट चेंज : चैलेंज फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट’ पर नेशनल कॉन्फ्रेंस शुरू

.Bokaro news : संवाददाता, बेरमो. केबी कॉलेज बेरमो एवं झारखंड काउंसिल ऑफ साइंस टेक्नोलॉजी एंड इन्नोवेशन, झारखंड सरकार के संयुक्त तत्वावधान में ‘स्टेट ऑफ एनवायरमेंट एंड क्लाइमेट चेंज : चैलेंज फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट’ विषय पर मंगलवार से केबी कॉलेज बेरमो में दो दिवसीय नेशनल कॉन्फ्रेंस शुरू हुआ. उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि प्रेसिडेंसी यूनिवर्सिटी कोलकाता के प्रोफेसर डॉ कौशिक प्रमाणिक, जर्नल ऑफ इनवायरमेंट एंड सोशियो बॉयोलॉजी की सेक्रेटरी डॉ मौसमी रॉय व विशिष्ट अतिथियों में केबी कॉलेज के प्राचार्य लक्ष्मी नारायण, बीडीए कॉलेज पिछरी के प्राचार्य डॉ जितेंद्र प्रसाद, पूर्व प्राचार्य रवींद्र कुमार सिंह, केबी कॉलेज के प्रो इंचार्ज प्रो गोपाल प्रजापति, कन्वेनर डॉ अरुण कुमार रॉय महतो, विनोबा भावे यूनिवर्सिटी हजारीबाग यू सेट विभाग के हेड डॉ खेमलाल महतो आदि रहे. प्राचार्य लक्ष्मी नारायण ने अध्यक्षीय भाषण दिया, जबकि विषय प्रवेश कन्वेनर डॉ अरुण कुमार रॉय महतो ने कराया. मंच संचालन हिन्दी विभाग के डॉ अरुण रंजन एवं अंग्रेजी विभाग की डॉ अलीशा वंदना लकड़ा ने किया, जबकि उद्घाटन सत्र में धन्यवाद ज्ञापन प्रो इंचार्ज प्रो गोपाल प्रजापति ने किया.

प्रकृति की रक्षा हमारी नैतिक जिम्मेदारी है :

मुख्य अतिथि डॉ कौशिक प्रमाणिक ने कहा कि प्रकृति की रक्षा हमारी नैतिक जिम्मेदारी है, कोई विकल्प नहीं है. पर्यावरण संरक्षण आने वाली पीढ़ीयों के प्रति हमारा साझा दायित्व है. एक कदम प्रकृति की ओर, एक संकल्प बेहतर कल के लिए, पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी को राष्ट्र सेवा के रूप में देखने की जरूरत है. कहा कि हमलोग रोजाना 525 लीटर ऑक्सीजन लेते हैं. एक 15 लीटर का ऑक्सीजन सिलिंडर बाजार में ढाई हजार रुपये में आता है. आप अंदाजा लगा सकते हैं कि 525 लीटर ऑक्सीजन की कीमत क्या होगी? पर्यावरण हमें मु्फ्त में ऑक्सीजन जीवन जीने के लिए दे रहा है. कहा कि आज विश्व की 25 फीसदी जनसंख्या खरीद कर पानी पी रहा है. एक समय ऐसा आयेगा कि सभी को पानी खरीद कर पीना पड़ेगा.

शहरों में जल स्रोतों का हो रहा अतिक्रमण : डॉ मौसमी रॉय

वहीं पश्चिम बंगाल से आयीं डॉ मौसमी रॉय ने कहा कि हमारा जो पानी का स्रोत है. खासकर शहरों में उसका अतिक्रमण कर फ्लैटस व मकान बनाये जा रहे हैं. यही कारण है कि शहरों में बाढ़ की नौबत आ जाती है, क्योंकि पानी जमा होने का कहीं जगह नहीं है.

देश के 22 राज्यों के करीब 200 डेलिगेट्स ले रहे हैं हिस्सा :

नेशनल कॉन्फ्रेंस में देश के 22 राज्यों पश्चिमी बंगाल, मेघालय, उत्तरप्रदेश, दिल्ली, पुडूचेरी, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, बिहार, झारखंड, आसाम, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम आदि राज्यों व जगहों से लगभग 200 डेलीगेट्स पहुंचे. प्रथम दिन लगभग सौ से अधिक पेपर प्रस्तुत किये गये.

एनएसएस स्वयंसेवकों ने प्रस्तुत किया कल्चरल प्रोग्राम :

शाम में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के स्वयंसेवकों ने नेशनल कॉन्फ्रेंस कल्चरल कमेटी को-ऑर्डिनेटर डॉ प्रभाकर कुमार के नेतृत्व एवं देखरेख में सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी. इनमें स्वयंसेवक काजल कुमारी, जागृति कुमारी, गुंजा पल्लवी कुमारी, कुमकुम कुमारी, मोहिनी कुमारी, रोशनी कुमारी, सोनिका कुमारी, राधा कुमारी, भूमि कुमारी, प्रियंका कुमारी, मधु कुमारी, सोनी, सुषमा, सपना, मिलन गुप्ता, सुमीत कुमार सिंह, सोनू कुमार शर्मा, करण कर्मकार, अमन तिवारी आदि शामिल रहे.

इनकी रही है सहभागिता :

नेशनल कॉन्फ्रेंस में कॉलेज के प्राचार्य लक्ष्मी नारायण, प्रो इंचार्ज प्रो गोपाल प्रजापति, डॉ गुप्तेश्वर सिंह, डॉ अरुण कुमार रॉय महतो, डॉ अलीशा वंदना लकड़ा, डॉ मधुरा केरकेट्टा, डॉ नीला पूर्णिमा तिर्की, डॉ साजन भारती, डॉ प्रभाकर कुमार, डॉ वासुदेव प्रजापति, डॉ व्यास कुमार, प्रो अमित कुमार रवि, प्रो विपुल कुमार पांडे सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, छात्र मौजूद थे.

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Published by: Manoj kumar

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