Bokaro News : कथारा क्षेत्रीय अस्पताल में इमर्जेंसी सेवा बंद करने का आदेश

Bokaro News : आरसीएमयू के साथ वार्ता के बाद अस्पताल प्रबंधन ने वापस लिया आदेश लिया

Bokaro News : प्रतिनिधि, कथारा. सीसीएल कथारा क्षेत्रीय अस्पताल प्रबंधन ने डॉक्टरों की कमी का हवाला देते हुए एक मई से शाम सात से सुबह सात बजे तक आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं बंद कर देने का नोटिस चिपकाया था. शनिवार को आरसीएमयू व बीएमएस सहित अन्य क्षेत्रीय ट्रेड यूनियनों ने नोटिस का कड़ा विरोध जताते हुए क्षेत्र के जीएम से तत्काल इस पर हस्तक्षेप की मांग की. आरसीएमयू क्षेत्रीय कमेटी ने शनिवार को क्षेत्रीय अस्पताल पहुंच कर अस्पताल प्रबंधन से वार्ता की. इसमें नोटिस आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग की. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ निशा टोप्पो ने कहा कि डॉक्टरों की भारी कमी के कारण क्षेत्रीय प्रबंधन के आदेश पर नहीं, बल्कि डॉक्टरों की आपसी सहमति से आपातकालीन सेवा बंद का नोटिस लगवाया गया था, जिसे तत्काल वापस ले लिया गया है. कहा कि यूनियन प्रतिनिधि डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने से संबंधित तत्काल मुख्यालय रांची पत्राचार करें, ताकि डॉक्टरों की संख्या बढ़ सके. इसके बाद कमेटी सदस्यों ने क्षेत्र के जीएम कार्यालय पहुंचे एवं जीएम एवं एसओपी से मिलकर डॉक्टरों, नर्सों एवं पारा मेडिकल स्टाफ की संख्या बढ़ाने, रात्रि पाली में अस्पताल में सुरक्षा गार्डों की संख्या बढ़ाने का आग्रह किया. इस पर जीएम एकेबी सिंह एवं एसओपी माधुरी मड़के ने डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने संबंधित तत्काल मुख्यालय रांची नोटशीट भेजकर पहल करवाने तथा रात्रि पाली में क्षेत्रीय प्रबंधन द्वारा गार्डों की बढ़ाने का आश्वासन दिया. वार्ता में यूनियन की ओर से आरसीएमयू के क्षेत्रीय सचिव विल्सन फ्रांसिस, क्षेत्रीय पदाधिकारी प्रमोद कुमार सिंह, प्रखंड युवा कांग्रेस अध्यक्ष विजय मेहता, राजद जिला महासचिव नरेश यादव सहित कई सदस्य थे. अस्पताल प्रबंधन के इस निर्णय का एक्टू क्षेत्रीय सचिव बालेश्वर गोप, सीसीएल सीकेएस क्षेत्रीय सचिव राजू स्वामी,सीटू क्षेत्रीय सचिव पीके विश्वास, निजाम अंसारी, एटक क्षेत्रीय सचिव मथुरा सिंह यादव, आरकेएमयू के विजय कुमार सिंह, आकाश लाल सिंह, गणेश राम आदि ने विरोध प्रकट किया है. अस्पताल में चार चिकित्सक, तीन को डिस्पेंसरी की भी जिम्मेवारी मिली जानकारी के अनुसार कथारा क्षेत्रीय अस्पताल में चिकित्सकों की कुल संख्या चार है. इनमें तीन चिकित्सकों को जारंगडीह, स्वांग, गोविंदपुर परियोजना डिस्पेंशरी की भी जिम्मेवारी(प्रतिनियुक्त) दी गयी है. जबकि पिछले माह एक चिकित्सक रिजाइन देकर चले गये. क्षेत्रीय चिकित्सा पदाधिकारी डॉ एमएन राम भी गत 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त हो गये. इस तरह डॉक्टरों की संख्या दिनों दिन घटती चली गयी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Manoj kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >