पिंड्राजोरा: रोजी-रोटी की तलाश में तमिलनाडु गए चास प्रखंड के एक प्रवासी मजदूर की कार्यस्थल पर तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई. सोमवार को जब उसका शव उलगोड़ा पंचायत के केशरीडीह गांव पहुंचा तो पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई. परिजनों के विलाप और महिलाओं के क्रंदन से माहौल गमगीन हो गया. इस मृतक की पहचान उलगोड़ा पंचायत के केशरीडीह गांव निवासी 32 वर्षीय राजेश बाउरी के रूप में हुई है. बताया गया कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण राजेश करीब दो माह पूर्व गांव के अन्य लोगों के साथ रोजगार की तलाश में तमिलनाडु के मदुरै गए थे. वहां वे हाईटेक कैरियर प्रा. लि. के माध्यम से मारुति सुजुकी पार्ट्स कंपनी में कार्यरत थे. इसी दौरान शुक्रवार को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई. उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई. सोमवार को जैसे ही राजेश का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. पत्नी प्रतिमा देवी पति के वियोग में बार-बार बेहोश हो रही थीं. उनकी बिगड़ती हालत को देखते हुए परिजन उन्हें उपचार के लिए बाहर ले गए. वहीं आठ वर्षीय पुत्र निशान बाउरी और पांच वर्षीय पुत्र सोनू बाउरी पिता का शव देखकर स्तब्ध रह गए. दोनों मासूम बच्चों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे . एक माह में तीन प्रवासी मजदूरों की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र में एक महीने के भीतर तीन प्रवासी मजदूरों की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. इससे पहले 5 जून को कुमारदागा बाउरी टोला निवासी 41 वर्षीय अभी बाउरी की महाराष्ट्र में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। इसके बाद 5 जुलाई को गोपालपुर निवासी अजीत सहिस की तमिलनाडु में संदिग्ध हालात में जान चली गई. वहीं, 24 जुलाई को तमिलनाडु में कार्य के दौरान उलगोड़ा पंचायत के केशरीडीह गांव निवासी 32 वर्षीय राजेश बाउरी की भी मौत हो गई. लगातार एक महीने में तीन प्रवासी मजदूरों के शव गांव पहुंचने से क्षेत्र में शोक के साथ-साथ दूसरे राज्यों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं . ग्रामीणों का कहना है कि रोजगार के लिए पलायन करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार और प्रशासन को प्रभावी एवं ठोस कदम उठाने चाहिए . घटना की सूचना मिलते ही बोकारो विधायक श्वेता सिंह, मुखिया प्राण कृष्ण महतो, कांग्रेस नेता अशोक महथा, पवन झा, दिनेश गोप एवं नरेश मांझी मृतक के घर पहुंचे. सभी ने शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया तथा अंतिम संस्कार के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान किया .जनप्रतिनिधियों ने मृतक की पत्नी को विधवा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ, दोनों बच्चों की शिक्षा की समुचित व्यवस्था तथा सरकार की ओर से मिलने वाली सभी पात्र योजनाओं का लाभ दिलाने का आश्वासन भी दिया.
तमिलनाडु में काम के दौरान प्रवासी मजदूर की मौत, शव गांव पहुंचते ही मचा कोहराम

07 | Prabhat Khabar Network
Copied link
तमिलनाडु में काम करने गए बोकारो के प्रवासी मजदूर राजेश बाउरी की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। एक महीने में क्षेत्र के तीन मजदूरों की मौत से हड़कंप है।