बोकारो: भगवान जगन्नाथ 24 जुलाई को बहुड़ा यात्रा के साथ मौसीबाड़ी श्रीराम मंदिर, सेक्टर एक से अपने घर जगन्नाथ मंदिर, सेक्टर चार लौटेंगे. मौसीबाड़ी में आठ दिनों के प्रवास के दौरान भगवान जगन्नाथ की विधि-विधान से सेवा-पूजा की गयी. इस दौरान उन्हें प्रतिदिन विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया.
मौसीबाड़ी श्रीराम मंदिर में आयोजित आरती में श्रद्धालुओं की भीड़ हर दिन उमड़ी. जय जगन्नाथ व हरि बोल से श्रीराम मंदिर परिसर गूंजता रहा. मंदिर प्रबंधन की ओर से भगवान जगन्नाथ की पूजा-अर्चना के लिए विशेष व्यवस्था की गयी थी. भीड़-भाड़ को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिये खास इंतजाम था.
पाहांडी विधि से झुलाते हुए सजाये गये रथ पर कराया जायेगा आरोहण
शुक्रवार को वापसी रथ यात्रा के पूर्व श्रीराम मंदिर में जगन्नाथ, सुभद्रा व बलभद्र की विशेष पूजा-अर्चना की जायेगी. मौसीबाड़ी से सबसे पहले भगवान बलभद्र, उसके बाद देवी सुभद्रा व अंत में भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा को पाहांडी विधि से झुलाते हुए सुसज्जित रथ पर विराजमान कराया जायेगा.
यात्रा राम मंदिर से पत्थर कट्टा चौक व गांधी चौक सेक्टर चार से होकर बीजीएस मोड़ आंबेडकर चौक से होते हुए सेक्टर चार स्थित जगन्नाथ मंदिर पहुंचेगी. इस वापसी यात्रा को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं. गुरुवार को वापसी रथ यात्रा की तैयारी को अंतिम रूप दिया गया.
जगह-जगह लगेगा स्टॉल मान्यता है कि नौ दिवसीय रथयात्रा उत्सव के समापन पर, जिसे ‘घूरती रथ यात्रा’ भी कहा जाता है, भगवान अपने भक्तों को दर्शन देते हुए अपने घर वापस आते हैं. यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ को मौसी के घर पारंपरिक ‘पोड़ा पीठा’ का भोग भी लगाया जाता है. वापसी रथ यात्रा के दौरान जगह-जगह स्टॉल लगेगा.
