Bokaro News : जीवन है अनमोल, न होने दें तनाव को हावी

Bokaro News : छह दिनों में पांच लोगों ने कर ली आत्महत्या

Bokaro News : एक तरफ लोगों को तनाव से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है. वहीं दूसरी ओर बोकारो में लगातार आत्महत्या के मामले सामने आ रहे है. एक से छह अगस्त के बीच चार लोगों ने आत्महत्या कर ली. आत्महत्या करनेवालों में बीएसएलकर्मी, रेलकर्मी, व्यवसायी व नाबालिग छात्रा तक शामिल है. सभी आत्महत्या की घटना में फांसी लगाना है. घटना ने बोकारोवासियों के साथ-साथ बुद्धिजीवियों की चिंता बढ़ा दी है. मनोचिकित्सक आत्महत्या को जीवन जीने के तरीके में बदलाव को प्रमुख मान रहे हैं. जो तनाव से भरा है. सदर अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ प्रशांत कुमार मिश्र के अनुसार समाज, घर व परिवार का दबाव अधिक होता है. घरवालों के सपनों का दबाव झेलते हैं. सामाजिक प्रतिष्ठा के चक्कर में दबाव झेल नहीं पाते. इस कारण आत्महत्या को अंजाम दे जाते हैं. ऐसी स्थिति में परिजनों को सतर्क होने की जरूरत है. आत्महत्या से पहले कई संकेत मिलते हैं, जो लोग समझ नहीं पाते हैं.

आत्महत्या से पहले आता है तनाव… पहचानें

डॉ मिश्रा ने कहा : आत्महत्या से पहले तनाव सामने आता है, जो व्यवहार में परिवर्तन लाता है. ऐसे में सर में दर्द, शरीर में पीसना, शरीर में थरथराहट होना, उदास रहना, किसी काम में दिल ना लगना, ज्यादा सोना या कम सोना, किसी बात पर ध्यान ना देना, क्रोध या चिड़चिड़ापन, हिंसक व्यवहार, भावनात्मक आवेग, शराब या ड्रग की आदत, घबराहट की आदत आदि संकेत के रूप में सामने आता है.

क्या कहते हैं काउंलर व चिकित्सक

तनावग्रस्त व्यक्ति के लिए सही व गलत का फैसला करना बेहद मुश्किल हो जाता है. ऐसी स्थिति में संबंधित व्यक्ति की शारीरिक व मानिसक दोनों ही स्थिति प्रतिदिन खराब होती जाती हैं. तनाव से निकलने के लिए काउंसेलिंग की भूमिका सबसे अहम होती है. मनोचिकित्सक या दक्ष काउंसेलर तनाव ग्रस्त व्यक्ति को आसानी से तनाव से बाहर निकाल सकता है.

– फादर अरुण मिंज, प्राचार्य सह काउंसलर, संत जेवियर स्कूल, बोकारोयुवाओं में तनाव अधिक हावी होने के पीछे उनकी बढती आकांक्षा है. कम समय में सबकुछ पा लेने की चाह के कारण स्थिति बद से बदतर हो रही है. पहले इस पर नियंत्रण पाना होगा. शॉर्टकट से निजात पाने की जरूरत है. हर व्यक्ति में तनाव का अलग-अलग कारण होता है.

– डॉ अनन्या प्रसाद, जेनरल फिजिशियन, बोकारो

केस स्टडी – एक

एक सितंबर (सोमवार) को सेक्टर छह थाना क्षेत्र के सेक्टर छह ए आवास संख्या 3408 निवासी बीएसएल कर्मी 37 वर्षीय पोषण सिंह ने ड्यूटी से आने के बाद आवास में फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली. घटना की जानकारी घरवालों को सहकर्मियों से मिली. पोषण सिंह छत्तीसगढ़ के रहनेवाले थे. बोकारो में अकेले रहते थे. फांसी किस कारण लगा ली. इसका पता न घरवालों को है और न ही सहकर्मी को.

केस स्टडी – दो

चार सितंबर (गुरुवार) को सेक्टर 12 थाना क्षेत्र के बारी को-ऑपरेटिव कॉलोनी निवासी 40 वर्षीय रेलकर्मी विद्या सागर भारती ने घर में फांसी का फंदा लगा कर आत्महत्या कर ली. घटना का कारण लंबे समय तक अवसाद में रहने के कारण आर्थिक तंगी को बताया जा रहा है. रेलकर्मी बोकारो रेलवे में कार्यरत थे. लंबी अवधि तक ड्यूटी नहीं जाने के कारण कर्ज का बोझ अधिक बढ़ गया था. इस कारण परेशान थे.

केस स्टडी – तीन

पांच सितंबर (शुक्रवार) को जरीडीह थाना क्षेत्र के भुचुंगडीह निवासी कपड़ा व्यवसायी ने 45 वर्षीय अभिषेक झा ने घर में फांसी का फंदा लगा कर आत्महत्या कर लिया. जैनामोड़ में अशोक वस्त्रालय के संचालक थे. पत्नी के निधन के बाद अवसाद में चले गये थे. सुसाइड नोट में बेटे को डॉक्टर बनाने की इच्छा जतायी. आत्महत्या का कारण पत्नी की मृत्यु के बाद खुद के जीने की इच्छा को खत्म होना बताया.

केस स्टडी – चार

छह सितंबर (शनिवार) को सेक्टर छह थाना क्षेत्र के शिवपुरी कॉलोनी में रहनेवाले पिंटू कुमार की 11 वर्षीया नाबालिग पुत्री ने फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली. घटना का कारण किसी बात पर पिता द्वारा डांटा जाना बताया जा रहा है. घटना माता-पिता के मजदूरी करने के लिए दिन में घर से जाने के बाद घटी. छोटे पुत्र ने माता-पिता को बहन द्वारा फांसी लगाने की सूचना दी गयी. कारण किसी को समझ नहीं आया.

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By MANOJ KUMAR

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