दीपक सवाल की रिपोर्ट
बोकारो . प्रशासनिक सुविधा और बुनियादी हक से जुड़े सवाल कसमार में एक बार फिर जोर पकड़ने लगा है. इसके लिए जनगोलबंदी के साथ आंदोलन की जमीन तैयार हो रही है. खैराचातर को अलग प्रखंड का दर्जा देने की मांग को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा की कसमार प्रखंड कमेटी एक सितंबर को प्रखंड मुख्यालय पर प्रदर्शन करेगी. आंदोलन में सिर्फ प्रखंड गठन का मुद्दा नहीं, बल्कि जमीन की रसीद, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और ग्रामीणों की रोजमर्रा की प्रशासनिक परेशानियों को भी प्रमुखता से उठाया जायेगा.
लंबे समय से उठती रही है आवाज
खैराचातर को अलग प्रखंड बनाने की मांग लंबे समय से उठती रही है. किसान सभा के प्रखंड सचिव दिवाकर महतो का कहना है कि मांग के बावजूद अब तक सरकार की ओर से इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है. प्रस्तावित प्रखंड में कसमार की छह और जरीडीह की तीन पंचायतों को शामिल करने की मांग की जा रही है.
लंबी दूरी सिर्फ रास्ते की नहीं, व्यवस्था की भी
अलग प्रखंड की मांग के पीछे ग्रामीणों का तर्क है कि प्रशासनिक कामकाज के लिए वर्तमान प्रखंड मुख्यालय तक पहुंचने में लोगों को समय और पैसा खर्च करना पड़ता है. ग्रामीणों का मानना है कि खैराचातर को अलग प्रखंड का दर्जा मिलने से प्रशासनिक सेवाएं नजदीक आएंगी और विकास योजनाओं की निगरानी तथा क्रियान्वयन में भी तेजी आ सकती है.
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लैंड बैंक से मुक्त कर जमीन की लगान रसीद काटने की मांग
आंदोलन का दूसरा बड़ा सवाल जमीन और ग्रामीणों के अधिकार से जुड़ा है. किसान सभा गैरमजरुआ जमीन को लैंड बैंक से मुक्त कर उसकी लगान रसीद काटने की मांग भी उठायेगी. ग्रामीणों के लिए यह केवल कागजी प्रक्रिया नहीं, बल्कि जमीन से जुड़े अधिकार और सरकारी सेवाओं तक पहुंच का सवाल है.
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पेंशन में देरी पर भी सरकार से मांगेगी जवाब
वृद्ध और सामाजिक सुरक्षा पेंशन के समय पर भुगतान का मुद्दा भी प्रदर्शन में उठेगा. आंदोलनकारियों का कहना है कि पेंशन पर निर्भर बुजुर्गों और जरूरतमंदों के लिए भुगतान में देरी सीधे उनके घरेलू खर्च और जीवन-यापन को प्रभावित करती है. प्रदर्शन सिर्फ स्थानीय समस्याओं तक सीमित नहीं किसान सभा ने कहा है कि प्रदर्शन को स्थानीय समस्याओं तक सीमित नहीं रखा जायेगा, बल्कि जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को व्यापक आंदोलन का रूप देने की तैयारी है. दिवाकर महतो ने क्षेत्र के लोगों से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होकर अपनी मांगों को मजबूती से रखने की अपील की है.
