Bokaro News : सीसीएल कथारा एरिया अंतर्गत कथारा कोलियरी की छह नंबर खदान के स्टॉक से कोयला डिस्पैच बाधित होने से प्रबंधन चिंतित है. बताया जाता है कि डेढ़ माह से आउटसोर्सिंग कंपनी आरए माइनिंग का टेंडर समाप्त होने से कोयले की ट्रांसपोर्टिंग बंद है. इससे कोलियरी में कोयले का स्टॉक बढ़ता जा रहा है. फिलहाल कोलियरी के स्टॉक संख्या छह में लगभग 6.5 लाख टन कोयला जमा हो गया है. स्टॉक में लगभग दो सौ करोड़ का कोयला जमा है.
स्टॉक के पूर्वी हिस्से में लगी है आग
लगभग डेढ़ माह से कोयला का स्टॉक जमा होने से इसके पूर्वी हिस्से पर आग लग गयी है. प्रबंधन द्वारा जलापूर्ति पाइप लाइन के माध्यम से आग बुझाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है. प्रबंधन कथारा रेलवे कॉलोनी स्थित वाशरी रेलवे साइडिंग से स्टॉक कोयले को खाली करने की तैयारी में जुटा है. इसके लिए एक माह पूर्व रेलवे अधिकारियों की टीम क्षेत्र एवं परियोजना अधिकारियों के साथ वाशरी रेलवे साइडिंग का दौरा किया था. लेकिन कागजी प्रक्रिया पूरी नहीं होने से स्टॉक से कोयले का डिस्पैच नहीं शुरू हो पाया है.
कथारा एरिया को होता दो सौ करोड़ का फायदा
कथारा कोलियरी के कोल स्टॉक में पडा 6.5 लाख टन कोयले का डिस्पैच होने से कंपनी को 200 करोड रुपये की आय हो सकती है. इससे कथारा एरिया के घाटे को पाटा जा सकता है. मालूम हो कि कथारा एरिया फिलहाल करोड़ों के घाटे में चल रही है. पिछले वर्ष भी चालीस करोड़ का घाटा हुआ था.
वाशरी ग्रेड-2 का है कोयला
कथारा कोलियरी से उत्पादित कोयला वाशरी ग्रेड-दो है. इस कोयले को पहले कथारा एवं स्वांग वाशरी में कोल डिस्पैच कर वहां वॉश कर स्टील प्लांटों में भेजा जाता था. लेकिन अब कथारा व स्वांग वाशरी काफी पुरानी हो चुकी है. कथारा वाशरी के पास खुद का कोल स्टॉक पड़ा हुआ है. ऐसे में कथारा कोलियरी का उत्पादित कोयला कथारा वाशरी नहीं जाता है. इसके कारण कथारा कोलियरी का कोल स्टॉक दिनोंदिन बढता जा रहा है.
क्या कहते हैं कथारा एरिया जीएम
स्टॉक से कोयले का खाली करने के लिए प्रयास किया जा रहा है. रेलवे से बात हुई है. जल्द ही रेलवे रैक के माध्यम से कोयले का डिस्पैच शुरू हो जायेगा.
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