JPSC Student Protest: जेएलकेएम के केंद्रीय अध्यक्ष सह डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो ने हजारीबाग, गिरिडीह, रांची और गढ़वा में पुतला दहन के दौरान छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज, मारपीट और दमनात्मक कार्रवाई की कड़ी निंदा की है. उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर गंभीर प्रहार बताते हुए दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की.
26 वर्षों के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ: जयराम
जयराम महतो ने कहा कि झारखंड के 26 वर्षों के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ कि शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध-प्रदर्शन के दौरान राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण में आंदोलनकारी छात्रों के साथ इस तरह की कार्रवाई की गई हो. उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के संरक्षण में छात्रों के साथ दबंगई, हिंसा और दमन लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है.
राजनीतिक कार्यकर्ताओं पर नियंत्रण रखे सरकार
विधायक ने राज्य सरकार से अपने राजनीतिक कार्यकर्ताओं पर नियंत्रण रखने और शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करने की मांग की. उन्होंने कहा कि यदि ऐसी घटनाओं पर तत्काल रोक नहीं लगी और दोषियों पर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो सामाजिक तनाव और टकराव की स्थिति और गंभीर हो सकती है. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में छात्रों को अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखने का अधिकार है. ऐसे आंदोलनों को बल प्रयोग से दबाने की कोशिश लोकतंत्र की भावना के विपरीत है.
प्रशासन राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर करे काम
जयराम महतो ने पुलिस प्रशासन से राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर अपने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन करने की अपील की. उन्होंने कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं. जो आज सत्ता में हैं, वे कल विपक्ष में भी हो सकते हैं. इसलिए प्रशासन को किसी भी राजनीतिक दबाव में आकर छात्रों के अधिकारों का दमन नहीं करना चाहिए. उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि लोकतांत्रिक विरोध-प्रदर्शन करने वालों के साथ कठोर व्यवहार किया जाए. प्रशासन को निष्पक्ष रहकर कानून के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए.
अदालत में छात्रों का पक्ष मजबूती से रखने की मांग
जेएलकेएम अध्यक्ष ने राज्य सरकार से अदालत में छात्रों का पक्ष पूरी गंभीरता और मजबूती के साथ रखने की भी मांग की. उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने छात्रों के साथ कथित मारपीट और दमनात्मक कार्रवाई की है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए. उन्होंने उम्मीद जताई कि छात्रों को न्याय मिलेगा और सत्य की जीत होगी. उनके अनुसार यह मामला केवल कुछ छात्रों का नहीं, बल्कि झारखंड के युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों और भविष्य से जुड़ा हुआ है.
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संघर्ष जारी रखने का ऐलान
जयराम महतो ने कहा कि छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक समाज में युवाओं की आवाज को दबाने की बजाय उसे सुना जाना चाहिए. उन्होंने सरकार से अपील की कि वह दमनात्मक रवैया छोड़कर संवाद और संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से छात्रों की चिंताओं का समाधान निकाले, ताकि राज्य में विश्वास और लोकतांत्रिक माहौल कायम रह सके.
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