जरीडीह पूर्वी और पश्चिमी पंचायत में बिजली, शुद्ध पेयजल समेत अन्य बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर मंगलवार को ग्रामीणों का आक्रोश सड़क पर उतर आया. बड़ी संख्या में ग्रामीण, व्यवसायी और जनप्रतिनिधियों ने जरीडीह अब्दुल हमीद चौक पर चक्का जाम कर कोयला ट्रांसपोर्टिंग ठप कर दी. सुबह करीब आठ बजे शुरू हुए आंदोलन के कारण सड़क के दोनों ओर ट्रांसपोर्टिंग वाहनों की लंबी कतार लग गयी. विरोध में स्थानीय व्यवसायियों ने भी अपनी दुकानें बंद रखीं.
बाइक जुलूस निकालकर प्रोजेक्ट इलाके में किया प्रदर्शन
आंदोलनकारियों ने बाइक जुलूस निकालकर बोकारो कोलियरी, डीडी माइंस, खासमहल और कोनार परियोजना क्षेत्रों में प्रदर्शन किया. इस दौरान सीसीएल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए ग्रामीणों ने कहा कि अब सिर्फ आश्वासन से काम नहीं चलेगा. बिजली, पेयजल और अन्य बुनियादी समस्याओं का स्थायी समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा.
विस्थापित हुए रैयत, पर सुविधाओं से हैं वंचित
ग्रामीण प्रतिनिधियों ने कहा कि जरीडीह पूर्वी और पश्चिमी पंचायत सीसीएल के पोषक क्षेत्र में आते हैं. यहां के मूल रैयतों की जमीन वर्षों पहले सीसीएल ने अधिग्रहित कर ली, लेकिन इसके बावजूद हजारों लोग आज भी बिजली और शुद्ध पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं.
सीसीएल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि जरीडीह बाजार क्षेत्र का प्रमुख व्यावसायिक केंद्र होने के बावजूद बुनियादी सुविधाओं की स्थिति गंभीर है. सीसीएल प्रबंधन समस्याओं के स्थायी समाधान को लेकर गंभीर पहल नहीं कर रहा है. ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और व्यापक किया जायेगा.
थाना प्रभारी के समझाने पर नहीं माने आंदोलनकारी
इधर गांधीनगर थाना प्रभारी धनंजय कुमार सिंह आंदोलन स्थल पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर डटे रहे. आंदोलन में मुखिया कंचन देवी, देवंती देवी, डॉ प्रहलाद बरनवाल, सुरेंद्र स्वर्णकार, दिलीप यादव, बबलू भगत, संजय प्रसाद समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल थे.
