एनएच-32 किनारे पुराने हटिया परिसर में किसानों की सुविधा के लिए बनाया गया हटिया शेड वर्षों से उपेक्षा का शिकार है. उचित देखरेख के अभाव में पूरा परिसर झाड़ियों और जंगल से घिर गया है, जबकि शेड भी जर्जर होकर खंडहर में तब्दील होता जा रहा है. लाखों रुपये की लागत से बने इस शेड का किसानों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है. प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को लगने वाला पिंड्राजोरा हटिया अब भी व्यवस्थित बाजार के अभाव में सड़क किनारे या वैकल्पिक स्थल पर लगाने की मजबूरी बनी हुई है.
वर्ष 2008 में कराया गया था निर्माण
स्थानीय लोगों के अनुसार, एनएच-32 के किनारे लगने वाले हटिया को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से वर्ष 2008 में हटिया शेड का निर्माण कराया गया था. इसके साथ चारदीवारी और मुख्य द्वार भी बनाए गये थे. निर्माण के समय उम्मीद थी कि यहां व्यवस्थित तरीके से हटिया लगेगा और किसानों व दुकानदारों को बेहतर सुविधा मिलेगी. लेकिन वर्षों बाद भी इसका उद्देश्य पूरा नहीं हो सका.
पर्याप्त जगह नहीं होने से शेड से दूर किसान
किसानों का कहना है कि शेड का निर्माण तो करा दिया गया, लेकिन उसकी उपयोगिता और रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया गया. शेड में पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण सब्जी व अन्य कृषि उत्पाद लेकर आने वाले किसानों के लिए यहां दुकान लगाकर बिक्री करना सुविधाजनक नहीं है. इस कारण किसान शेड को छोड़कर अन्य स्थानों पर हटिया लगाने को मजबूर हैं.
वर्षों तक पिंड्राजोरा में एनएच-32 के किनारे हटिया लगता रहा. सड़क किनारे बाजार लगने से दुर्घटना की आशंका और यातायात बाधित होने की समस्या को देखते हुए करीब दो वर्ष पहले हटिया स्थल को उलगोड़ा रोड की ओर स्थानांतरित किया गया. हालांकि, अब तक व्यवस्थित स्थायी हटिया की व्यवस्था नहीं हो सकी है.
झाड़ियों में गुम हो गया हटिया परिसर
वर्तमान में हटिया परिसर की स्थिति काफी खराब है. चारों ओर झाड़ियां उग आयी हैं और परिसर जंगल में तब्दील होता जा रहा है. शेड भी जर्जर अवस्था में पहुंच गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते साफ-सफाई और मरम्मत नहीं करायी गयी, तो लाखों रुपये की लागत से बनाया गया यह भवन पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा.
किसानों ने उपयुक्त स्थल चिह्नित करने की मांग की
पंचायत के मुखिया कृष्णापद महतो, उपमुखिया राजकुमार गोप, किसान मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष संतोष कुमार, युधिष्ठिर महतो, महादेव गोराई, हीरालाल महतो समेत अन्य किसानों ने कहा कि हटिया के लिए बनाया गया मौजूदा शेड किसानों की जरूरत के अनुरूप नहीं है. पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण किसान वहां अपनी उपज लेकर बैठ नहीं पाते हैं.
किसानों ने सरकार और संबंधित विभाग से उनकी जरूरत के अनुरूप उपयुक्त स्थल चिह्नित कर स्थायी अथवा अस्थायी हटिया की व्यवस्था करने की मांग की है. किसानों का कहना है कि पिंड्राजोरा क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग पारंपरिक रूप से सब्जी की खेती करते हैं. यदि उन्हें व्यवस्थित बाजार उपलब्ध कराया जाए, तो वे अपनी उपज सीधे बेचकर बेहतर आय प्राप्त कर सकते हैं.
