जन्मजात हृदय रोग से पीड़ितों की नि:शुल्क सर्जरी के लिए विशेष अभियान : एनएचएम मिशन निदेशक

एनएचएम मिशन निदेशक ने बताया कि जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों की पहचान कर कोच्चि में नि:शुल्क सर्जरी कराई जाएगी। इसके लिए विशेष अभियान शुरू हुआ है।

बोकारो: जन्मजात हृदय रोग (सीएचडी) से पीड़ित बच्चों की पहचान कर समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार विशेष अभियान चला रही है. 18 वर्ष के बच्चों की स्क्रीनिंग कर जरूरतमंद बच्चों की कोच्चि स्थित विशेषज्ञ अस्पताल में नि:शुल्क सर्जरी करायी जायेगी. यह बातें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के मिशन निदेशक शशि प्रकाश झा ने शनिवार को शिबू सोरेन स्मृति भवन (टाउन हॉल) में पत्रकारों से कही.

उन्होंने कहा कि शिविर में कोच्चि से आये विशेषज्ञ कार्डियक सर्जनों द्वारा बच्चों की जांच की जा रही है. अब तक लगभग 120 बच्चों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है. जांच का कार्य जारी है. चिकित्सकीय जांच के आधार पर जिन बच्चों को सर्जरी की जरूरत होगी, उन्हें उपचार के लिए चयनित किया जायेगा. राज्य स्तर पर एक वर्ष में लगभग 1000 बच्चों की स्क्रीनिंग व सर्जरी कराने का लक्ष्य निर्धारित है.

समय पर पहचान और उपचार है जरूरी

श्री झा ने कहा कि सभी बच्चों को सर्जरी की जरूरत नहीं होती है. विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा जांच के बाद ही तय होता है. अभिभावक को बच्चे में जन्मजात हृदय रोग के लक्षण दिखायी दे तो बिना विलंब चिकित्सकीय परामर्श लें. आरबीएसके (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) की टीमों के माध्यम से ऐसे बच्चों की पहचान व कार्रवाई की जा रही है.

स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने पर सरकार का फोकस

श्री झा ने कहा : राज्य में स्वास्थ्य अवसंरचना, चिकित्सकीय सुविधाओं च स्वास्थ्य प्रबंधन को लगातार सशक्त किया जा रहा है. डॉक्टरों की नियुक्ति, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता व अस्पतालों में मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य हो रहा है. विश्वास जताया कि आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाओं में और व्यापक सुधार दिखाई देगा. सदर अस्पताल एवं स्वास्थ्य संस्थानों में बढ़ीं सुविधा

श्री झा ने कहा : सदर अस्पताल में मरीजों के लिए कई नयी सुविधाएं विकसित की गयी है. चिकित्सकों की नियमित उपलब्धता, साफ-सफाई, मरीजों व परिजनों के लिए बेहतर व्यवस्था व शिकायतों के त्वरित समाधान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. राज्य सरकार का प्रयास है कि प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को सक्षम बनाया जाये कि अधिक मरीजों का उपचार स्थानीय स्तर पर ही हो सके. मलेरिया नियंत्रण के लिए विशेष अभियान जारी

कहा : राज्य में मलेरिया नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है. संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित जांच, पर्याप्त मात्रा में टेस्ट किट की उपलब्धता, दवा का छिड़काव व साप्ताहिक निगरानी की जा रही है. समय पर जांच व उपचार के कारण संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो रहा है. मौके पर डीसी अजय नाथ झा, डीडीसी शताब्दी मजूमदार, प्रशिक्षु आईएएस अरविंद राधाकृष्णन, सिविल सर्जन डॉ एबी प्रसाद, डीपीआरओ रवि कुमार, एपीआरओ अविनाश कुमार सिंह आदि मौजूद थे.


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