रांची-बोकारो को जोड़ने वाली जैनामोड़-ओरमांझी फोरलेन सड़क का निर्माण अंतिम चरण में है. जैनामोड़ से बोकारो और ओरमांझी से रांची तक फोरलेन सड़क पहले ही बन चुकी है. दोनों हिस्सों के बीच बची सड़क का निर्माण पूरा होने के बाद रांची और बोकारो के बीच आवागमन और सुगम होने की उम्मीद है. हालांकि, कसमार प्रखंड के बनगजरा के पास इंटरचेंज का निर्माण नहीं होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है.
फोरलेन से सीधे जुड़ाव नहीं मिलने पर सवाल
बनगजरा के पास से गुजरने वाली फोरलेन सड़क कसमार प्रखंड के लिए काफी महत्वपूर्ण है. यह मार्ग बहादुरपुर, पिरगुल होते हुए सेवाती घाटी के रास्ते पश्चिम बंगाल को जोड़ता है. स्थानीय लोग इसे कसमार प्रखंड की जीवनरेखा भी बताते हैं.
फोरलेन निर्माण के दौरान बनगजरा के पास पुल और अंडरपास का निर्माण किया गया है. इससे फोरलेन पर चलने वाले वाहनों को बोकारो की ओर सीधा आवागमन मिलेगा, लेकिन कसमार प्रखंड को फोरलेन से जोड़ने के लिए यहां इंटरचेंज की व्यवस्था नहीं की गयी है.
इंटरचेंज नहीं बना तो पुराने मार्ग पर निर्भर रहेंगे लोग
स्थानीय लोगों का कहना है कि बनगजरा में इंटरचेंज नहीं बनने पर कसमार प्रखंड की बड़ी आबादी फोरलेन के सीधे लाभ से वंचित रह जायेगी. बोकारो, जैनामोड़ या रांची की ओर जाने के लिए लोगों को पुराने मार्ग का ही इस्तेमाल करना पड़ेगा.
लोगों का कहना है कि कसमार से होकर फोरलेन गुजर रही है, लेकिन प्रखंड को इससे जोड़ने का रास्ता नहीं मिलने से नयी सड़क का स्थानीय स्तर पर उद्देश्य अधूरा रह जायेगा.
मंत्री ने लिया था स्थल का जायजा
इंटरचेंज निर्माण की मांग को लेकर स्थानीय स्तर पर आवाज उठने के बाद राज्य के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने बनगजरा पहुंचकर स्थल का जायजा लिया था. उन्होंने स्थानीय लोगों की मांग को जायज बताते हुए यहां इंटरचेंज को जरूरी बताया था. इसके बावजूद अब तक विभाग की ओर से कोई ठोस पहल नहीं होने से लोगों में असंतोष बढ़ रहा है.
आंदोलन की तैयारी की सुगबुगाहट
मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी आवाज उठने लगी है. भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य लक्ष्मण कुमार नायक, भाकपा माले नेता शकुर अंसारी, कांग्रेस नेता रमेश महाराज और स्थानीय उपमुखिया रामशय हांसदा समेत अन्य लोगों ने बनगजरा में इंटरचेंज निर्माण की मांग की है.
नेताओं का कहना है कि कसमार से होकर फोरलेन गुजरने के बावजूद स्थानीय लोगों को इसका सीधा लाभ नहीं मिलना उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि इंटरचेंज नहीं होने पर कसमार के लोगों को बोकारो, जैनामोड़ और रांची जाने के लिए पुराने मार्ग पर निर्भर रहना पड़ेगा.
स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि सड़क निर्माण पूरा होने से पहले इंटरचेंज की मांग पर निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन किया जा सकता है. लोगों का कहना है कि फोरलेन का निर्माण पूरा होने के बाद इंटरचेंज बनाना और अधिक कठिन हो सकता है.
