नावाडीह, नावाडीह में आदर्श ग्राम विकास सेवा समिति के द्वारा संचालित कृषक पाठशाला में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद गोरियाकर्मा हजारीबाग के सहयोग से सोमवार को 50 किसानों को सरसों, चना, गेहूं और सब्जियों के उन्नत किस्म के बीज दिये गये. इसका वितरण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के निदेशक विशालनाथ पांडेय, सीसीएल पर्यावरण विभाग के अचुतानंद प्रसाद, वरिष्ठ वैज्ञानिक कृष्ण प्रकाश व सतीश कामत, समिति के सचिव बासुदेव शर्मा ने किया. श्री पांडेय ने कहा कि कृषि क्षेत्र तेजी से बदल रहा है. देश भर में किसान उन्नत बीज, वैज्ञानिक पद्धति और आधुनिक तकनीक अपना कर उत्पादकता बढ़ा रहे हैं. हर किसान वैज्ञानिक तरीके से खेती कर आत्मनिर्भर बने. श्री प्रसाद ने कहा की युवा पीढ़ी खेती से दूर होती जा रही है. गांव-गांव जाकर युवाओं को कृषि का महत्व समझाना होगा तथा कृषि को एक रोजगार और उद्यमिता के रूप में बढ़ावा देना होगा.
किसानों को मिला प्रशिक्षण
इस दौरान किसानों को वैज्ञानिक विधि से खेती करने का प्रशिक्षण भी दिया गया. नावाडीह कृषि उत्पादक प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड का निर्माण भी किया गया है, जिससे जुड़ने वाले किसानों को समय-समय पर किसानों को लाभान्वित किया जा रहा है. आने वाले समय में नावाडीह में बड़े पैमाने पर किसानों को खेती कार्य से जोड़ा जायेगा. इसको लेकर संस्था के द्वारा तैयारी चल रही है. मौके पर चंदन कुमार, आशीष मिश्रा, अरुण कुमार, अजय कुमार, भुनेश्वर महतो, मिथलेश्वर महतो, ललिता कुमारी, संजू कुमारी, कांति कुमारी, गुलाबी देवी सहित कई किसान थे.
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