कसमार प्रखंड के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र खैराचातर स्थित महावीर चौक के आसपास बसे करीब तीन दर्जन परिवार इन दिनों गंभीर पेयजल संकट से जूझ रहे हैं. इनके पास पेयजल की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है. उन्हें घर से दूर हरिमंदिर, अस्पताल परिसर या अन्य जगहों में लगे चापाकलों से पानी लाना पड़ रहा है. चिलचिलाती धूप में महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को रोजाना कई बार पानी ढोना पड़ता है. स्थानीय लोगों ने बताया कि महावीर मंदिर के पीछे एकमात्र हैंडपंप वर्षों से खराब है. गर्मी बढ़ने के साथ स्थिति और असहनीय हो गयी है.
मुखिया ने नहीं लिया आवेदन, स्पीड पोस्ट से भेजा मांग पत्र
समस्या के समाधान की मांग को लेकर ग्रामीणों ने स्पीड पोस्ट के माध्यम से मुखिया को आवेदन भेजा है. आरोप है कि आवेदन लेने से इंकार करने पर स्पीड पोस्ट से भेजा गया. आवेदन में महावीर चौक क्षेत्र में सोलर जलमीनार निर्माण कर पाइपलाइन के जरिये घर-घर पानी उपलब्ध कराने और खराब चापाकल की मरम्मत कराने या नया हैंडपंप लगाने की मांग की गयी है. आवेदन में कहा कि पानी की समस्या का सबसे अधिक असर महिलाओं और पढ़ाई करने वाली छात्राओं पर पड़ रहा है. आवेदन पर गोपाल दे, संजोती देवी, हेमंत दे, जयराम दे, मिथलेश दे, तारापदों दे, सुभाष दत्ता, महानंद पाल, अंतू दत्ता, भुनेश्वर धर, विपिन धर सहित अन्य ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं.
सामाजिक कार्यकर्ता ने उठाये सवाल, आंदोलन की चेतावनी
सामाजिक कार्यकर्ता अभिमन्यु जायसवाल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पंचायत व्यवस्था पर सवाल उठाया है. कहा कि ग्रामसभा की सूचना समय पर और पारदर्शी तरीके से ग्रामीणों को नहीं दी जाती है. महावीर चौक क्षेत्र में व्याप्त पेयजल संकट को दूर करने के लिए पंचायत स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है. करोड़ों रुपये के कारोबार वाले क्षेत्र में भी लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है, जो प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है. जल्द से जल्द पेयजल की स्थायी व्यवस्था की जाये और ग्रामसभा सूचना प्रणाली को पारदर्शी बनाया जाये, अन्यथा ग्रामीण आंदोलन करने को बाध्य होंगे.
