राकेश वर्मा, बेरमो, इस साल लगातार हो रही बारिश ने पूरे कोल इंडिया में कोयला उत्पादन को प्रभावित किया है. सीसीएल भी इससे अछूता नहीं है. इस साल मई माह से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला अक्टूबर में भी थम नहीं रहा है. अमूमन हर वर्ष सितंबर माह में बरसात का मौसम खत्म हो जाता है. लेकिन इस वर्ष अभी भी बारिश का दौर चल रहा है. इससे कोयला उत्पादन प्रभावित हो रहा है. चालू वित्तीय वर्ष में सीसीएल का कोयला उत्पादन लक्ष्य 110 मिलियन टन है. एक अप्रैल से तीन अक्टूबर तक 45.31 मिलियन टन उत्पादन करना था, जबकि उत्पादन हुआ है 29.79 मिलियन टन. अभी तक सीसीएल करीब 15 मिलियन टन पीछे चल रही है. शेष छह माह में लक्ष्य प्राप्त करने के लिए 89 मिलियन टन उत्पादन करना होगा. सीसीएल के अधिकतर एरिया अपने निर्धारित उत्पादन लक्ष्य से पीछे चल रहे है.
सीसीएल के एरिया में एक अप्रैल से तीन अक्टूबर तक हुई बारिश का आंकड़ा (एमएम में)
एरिया 2025-26 2024-25बीएंडके 2548 2112 ढोरी 1828 1637
गिरिडीह 1121 733कथारा 2086 1584आम्रपाली-चंद्रगुप्त 2513 1432मगध- संघमित्रा 2826 1492
एनके 2153 1958पिपरवार 2361 1440रजहरा 2334 1210रजरप्पा 1959 1281
अरगड्डा 1423 951बरका-सयाल 2130 1557हजारीबाग 3510 1314कुजू 2792 1984
50 मिलियन टन पीछे चल रही है कोल इंडिया
चालू वित्तीय वर्ष के एक अप्रैल से तीन अक्टूबर तक कोल इंडिया अपने निर्धारित कोयला उत्पादन लक्ष्य से करीब 50 मिलियन टन पीछे चल रही है. तीन अक्टूबर तक उत्पादन लक्ष्य 383.77 मिलियन टन था, जबकि उत्पादन हुआ 333.20 मिलियन टन. मालूम हो कि चालू वित्तीय वर्ष में कोल इंडिया का उत्पादन लक्ष्य 875.24 मिलियन टन है.कोल इंडिया की कंपनियों का प्रदर्शन (एक अप्रैल से तीन अक्टूबर तक)
कंपनी उत्पादन करना था हुआइसीएल 24.43 20.50बीसीसीएल 22.21 15.87
सीसीएल 45.31 29.79एनसीएल 68.24 70.35डब्ल्यूसीएल 27.30 25.12एसइसीएल 90.43 73.60
एमसीएल 105.83 97.86एनइसी 0.12 0.11डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
