चंदनकियारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परिसर में लाखों रुपये की लागत से स्थापित दो सोलर जलमीनार वर्षों से खराब पड़े हैं. जलमीनारों के बंद रहने से सीएचसी आने वाले मरीजों के साथ उनके परिजनों को भी पानी के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है. अस्पताल परिसर में पानी की व्यवस्था होने के बावजूद मरीजों के साथ आने वाले लोगों को कई बार पानी के लिए बाहर जाना पड़ता है.
छह लाख की लागत से बना था पहला जलमीनार
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2017-18 में विधायक मद से करीब छह लाख रुपये की लागत से सीएचसी परिसर में दो सोलर आधारित जलापूर्ति योजना का निर्माण कराया गया था. निर्माण के कुछ महीनों बाद ही दोनों जलमीनार खराब हो गये. इसके बाद खराब जलमीनारों की मरम्मत कराने के बजाय डीएमएफटी मद से एक और सोलर जलमीनार का निर्माण कराया गया. स्थानीय लोगों के अनुसार, यह जलमीनार भी कुछ दिनों बाद ही खराब हो गया.
पानी के लिए मरीजों के परिजनों को परेशानी
करकटा निवासी माणिक कर्मकार ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में कई बार पानी की समस्या हो जाती है. मरीजों के साथ आने वाले परिजनों को पानी के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ती है. चंदनकियारी निवासी मरीज इंद्रजीत बाउरी और अबुल कलाम अंसारी तथा आसनबनी निवासी रूपलाल मुर्मू ने बताया कि सीएचसी भवन में भर्ती मरीजों के लिए पानी की व्यवस्था है, लेकिन उनके साथ रहने वाले परिजनों को पानी के लिए बाहर जाना पड़ता है.
निर्माण में अनियमितता का भी आरोप
स्थानीय लोगों ने जलमीनारों के निर्माण में अनियमितता बरते जाने का आरोप लगाया है. लोगों का कहना है कि यदि लाखों रुपये खर्च कर बनायी गयी जलापूर्ति योजनाएं कुछ समय बाद ही खराब हो जाएं और वर्षों तक उनकी मरम्मत नहीं हो, तो सरकारी राशि के उपयोग पर सवाल उठना स्वाभाविक है. लोगों ने खराब पड़े जलमीनारों की जांच कराकर उन्हें जल्द चालू कराने की मांग की है, ताकि सीएचसी आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को पानी की समस्या से राहत मिल सके.
