सीसीएल कथारा एरिया के जीएम कार्यालय में कार्यरत चंद्रपुरा प्रखंड के सरैयाटांड़ निवासी जयलाल मांझी की मौत शुक्रवार की रात को हो गयी. वह फरवरी माह में वह सेवानिवृत्त होने वाले थे. पुत्र बुधन मांझी ने बताया कि पिता को शुक्रवार को ड्यूटी के दौरान उल्टी हुई थी. ड्यूटी के बाद घर पहुंचे और देर रात तबीयत ज्यादा बिगड़ने लगी तो रात में सेंट्रल अस्पताल ढोरी ले गये. चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. रात में शव को मर्चरी में रखवा दिया. स्व मांझी के परिवार में तीन पुत्र व एक पुत्री समेत अन्य लोग हैं. बहू पूनम सोरेन तुरियो पंचायत की वार्ड सदस्य हैं.
अस्पताल के बाहर जमीन पर रखा शव देख बिफरे आजसू नेता
शनिवार की सुबह मामले की जांच के लिए बेरमो पुलिस अस्पताल पहुंची व मर्चरी से शव को बाहर निकलवाया. पुलिस जांच कर लौट गयी. इसके बाद अस्पताल के बाहर लगभग तीन घंटे तक जमीन पर ही शव पड़ा रहा. अस्पताल प्रबंधन द्वारा वापस मर्चरी में नही रखवाया गया और ना ही तत्काल एंबुलेंस की व्यवस्था की गयी. अस्पताल पहुंचे आजसू नेता ने इसकी जानकारी गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी, सीसीएल प्रबंधन व बेरमो एसडीएम को फोन पर दी. उन्होंने
अस्पताल प्रबंधन पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जब यह मजदूर जीवित था तो आपके काम के काबिल था. आज मौत हो गयी है तो अस्पताल प्रबंधन मानवता भी नहीं दिखा रही है. गिरिडीह सांसद ने भी इस मामले में सीसीएल प्रबंधन को फोन कर कड़ी फटकार लगायी. इसके बाद सीसीएल कथारा एरिया की एसओपी माधुरी मडके समेत अन्य अधिकारी पहुंचे. शव के दाह संस्कार के लिए तत्काल 50 हजार रुपये तथा परिजनों को मुआवजा राशि व नौकरी जल्द दिये जाने का आश्वासन दिया. इसके बाद शव को 11 बजे पोस्टमार्टम के लिए चास भेजा गया. मौके पर केदार महतो, संजय महतो, सुखदेव मुर्मू, दिनेश सोरेन, प्रेम टुडू आदि उपस्थित थे.
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