सुरक्षा संस्कृति मजबूत करने के साथ कर्मचारियों के कल्याण पर जोर, बीएसएल में कई पहल

बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) "टुवर्ड्स जीरो हार्म" के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कार्यस्थल सुरक्षा और कर्मचारी कल्याण को प्राथमिकता दे रहा है. क्यूआर कोड आधारित हजार्ड रिपोर्टिंग, सुरक्षा किट और स्वास्थ्य बीमा जैसी नई पहलें इस दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही हैं.

सुरक्षा दैनिक गतिविधियों, कार्यप्रणालियों और व्यक्तिगत व्यवहार का अभिन्न हिस्सा होनी चाहिए. इसी मूल मंत्र के साथ टुवर्ड्स जीरो हार्म के संकल्प को मजबूत करते हुए बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) में सुरक्षित कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की गयी हैं. नेतृत्व की सक्रिय सहभागिता, तकनीकी हस्तक्षेप, प्रशिक्षण और व्यवहार आधारित सुरक्षा के माध्यम से कार्यस्थल पर जोखिम कम करने पर जोर दिया जा रहा है.

क्यूआर कोड आधारित हजार्ड रिपोर्टिंग सिस्टम लागू

तकनीकी सुरक्षा उपायों के तहत सेफ्टी असिस्टेंस सेंटर कियोस्क, मिक्सर क्रेन में कॉर्नर-स्विच कट-ऑफ, कास्ट हाउस के लिए एल्युमिनाइज्ड सूट, ल्यूमिनेटेड हाइट बैरियर्स और लाइन-ऑफ-फायर क्षेत्रों में रिमूवेबल बैरिकेड्स जैसी पहल की गयी है.

जोखिमों की त्वरित पहचान और रिपोर्टिंग के लिए क्यूआर कोड आधारित हजार्ड रिपोर्टिंग सिस्टम लागू किया गया है. कर्मियों की सहज समझ के लिए हिंदी में बाऊ-टाई डायग्राम भी उपलब्ध कराये गये हैं.

ठेका कर्मियों के लिए शुरू हुई ‘सुरक्षा कवच किट’

ईओटी क्रेन के लिए लोड टेस्टिंग और स्ट्रक्चरल इंटीग्रिटी टेस्ट कराये गये हैं. सड़क सुरक्षा को लेकर मानव शृंखला, हेलमेट और सीट बेल्ट जांच तथा स्पीड गन आधारित सुरक्षा साथी अभियान चलाया गया.

लाइन-ऑफ-फायर, गैस सेफ्टी, पीएसएसआर, रैगिंग एंड लिफ्टिंग, फर्स्ट एड और सीपीआर जैसे विषयों पर कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया. ठेका कर्मियों को आवश्यक व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने के लिए सुरक्षा कवच किट देने की पहल शुरू की गयी है.

18 विभागों का पुनर्गठन, मानव संसाधन पर जोर

बीएसएल ने परिचालन के साथ मानव संसाधन के विभिन्न क्षेत्रों में भी सुधार की पहल की है. इसी क्रम में 18 विभागों का पुनर्गठन कर उन्हें तीन विभागों में समाहित किया गया है. दो अन्य विभागों को मिलाकर एक विभाग बनाया गया है.

बीएसएल में सीखने, विकास और उत्कृष्ट प्रदर्शन की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए सेल शाबाश योजना, बेस्ट एक्जीक्यूटिव ऑफ द क्वार्टर, बेस्ट एंप्लॉई ऑफ द मंथ, संवाद से प्रगति और वेलफेयर वॉक जैसी पहल शुरू की गयी हैं.

करीब 8,000 कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स को स्वास्थ्य बीमा

कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए “संजीवनी” समूह स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू की गयी है. इसके तहत करीब 8,000 कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स को स्वास्थ्य बीमा सुरक्षा दी जा रही है.

ग्रुप पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस के तहत प्रत्येक कॉन्ट्रैक्ट वर्कर को 10 लाख रुपये का वार्षिक बीमा कवरेज उपलब्ध कराया जा रहा है. वहीं, नियमित कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए बोकारो स्टील ग्रुप एक्सीडेंट इंश्योरेंस प्लान के तहत कर्मचारी को 25 लाख और स्पाउस को पांच लाख रुपये का बीमा कवरेज उपलब्ध है.

पिछले वित्तीय वर्ष की अंतिम तिमाही में उत्कृष्ट योगदान के लिए नियमित कर्मचारियों के साथ कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स को भी प्रोत्साहन स्वरूप उपहार देने की पहल की गयी है.

जीरो हार्म के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा प्रतिष्ठान : निदेशक प्रभारी

बीएसएल के निदेशक प्रभारी प्रिय रंजन ने कहा कि प्रक्रियाओं का पूर्ण अनुपालन, समय पर खतरे की पहचान और रिपोर्टिंग तथा एक-दूसरे की सुरक्षा के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी ही प्रतिष्ठान को जीरो हार्म के लक्ष्य के करीब ले जायेगी. उन्होंने कहा कि लक्ष्य है कि प्रत्येक कर्मी लगातार सीखता रहे, विकसित होता रहे और बदलती औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप भविष्य के लिए तैयार रहे.


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By Sunil kumar tiwari

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