सुनील तिवारी की रिपोर्ट बोकारो. बोकारो स्टील प्लांट यानी बीएसएल अपने आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के विकास के लिए लगातार कई सामाजिक योजनाएं चला रहा है. संयंत्र प्रबंधन का कहना है कि प्लांट की तरक्की के साथ स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सुधार भी जरूरी है. इसी उद्देश्य से युवाओं को रोजगार से जोड़ने, कौशल विकास को बढ़ावा देने, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं.
प्रतिष्ठित कंपनियों में रोजगार के अवसर
बीएसएल के सीएसआर के तहत संचालित बोकारो दीक्षा और बोकारो प्राइवेट आईटीआई में युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. प्रशिक्षण पूरा करने वाले कई युवाओं को प्रतिष्ठित कंपनियों में रोजगार के अवसर मिले हैं. इन युवाओं को बेहतर पैकेज के साथ नौकरी मिली है, जिससे उनके लिए रोजगार के नये रास्ते खुले हैं.
बच्चों के बीच 'गिफ्ट मिल्क पैकेट' का वितरण
स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में भी बीएसएल की ओर से काम किया जा रहा है. एनडीडीबी फाउंडेशन फॉर न्यूट्रिशन के सहयोग से स्कूली बच्चों के बीच 'गिफ्ट मिल्क पैकेट' का वितरण किया जा रहा है. वहीं बोकारो के पेरिफेरल एरिया के करीब 400 लाभुकों को एंटी टीबी किट उपलब्ध करायी जा रही है. पिरामल स्वास्थ्य के सहयोग से सेक्टर-09 में 'सर्व स्वास्थ्य केंद्र' शुरू किया गया है. इस केंद्र के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं.
300 युवाओं को नि:शुल्क प्रतियोगी परीक्षा की कोचिंग
युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद देने के लिए भी पहल की गयी है. महेन्द्रा एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से 300 युवाओं को नि:शुल्क प्रतियोगी परीक्षा की कोचिंग दी जा रही है. इससे आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को बेहतर तैयारी करने का अवसर मिल रहा है.
804 स्थानीय महिलाओं को प्रशिक्षण
महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी कई योजनाएं चलायी जा रही हैं. जलकुंभी से हैंडीक्राफ्ट उत्पाद बनाने के लिए अब तक 804 स्थानीय महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया है. इन महिलाओं द्वारा तैयार किये गये उत्पादों के लिए 'युक्ता' नाम से ब्रांड तैयार किया गया है. इन उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से बाजार तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है.
महिलाओं को रोजगार के लिए सक्षम और आत्मनिर्भर बनाना
'प्रोजेक्ट आध्या' के तहत 25 महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण दिया गया है. वहीं 'प्रोजेक्ट रचयित्री' के तहत 25 महिलाओं को कांथा स्टिच, ऑर्गेनिक साबुन बनाने और ब्यूटीशियन कोर्स का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य महिलाओं को रोजगार के लिए सक्षम बनाना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है.
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लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक
बीएसएल प्रबंधन के अनुसार, इन योजनाओं का उद्देश्य केवल जरूरतमंद लोगों की मदद करना नहीं है, बल्कि उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करना और रोजगार व विकास के अवसरों से जोड़ना है. प्रबंधन का मानना है कि सीएसआर की पहल तभी सफल मानी जायेगी, जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और लोगों के जीवन में स्थायी सकारात्मक बदलाव आये.
