बीएसएल में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को मिली रफ्तार, एआइ से लेकर स्मार्ट मॉनिटरिंग तक कई उपलब्धियां

बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में नई ऊंचाइयां छू रहा है. AI, मशीन लर्निंग और स्मार्ट मॉनिटरिंग जैसी तकनीकों के इस्तेमाल से उत्पादकता में भारी वृद्धि हुई है. साथ ही, बीएसएल ने आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा करते हुए कई नए और उन्नत स्टील उत्पादों का भी सफलतापूर्वक विकास किया है.

प्रवर्तनम पहल के तहत बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) में डिजिटल तकनीकों के इस्तेमाल को तेजी से बढ़ाया जा रहा है. डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के क्षेत्र में बीएसएल ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं. सेल की इकाइयों में बीएसएल ने ‘डिजिटल चैंपियन’ के रूप में अपनी पहचान मजबूत की है. संयंत्र के विभिन्न महत्वपूर्ण सेक्शनों को डिजिटल नेटवर्क से जोड़ा गया है.

एआइ और मशीन लर्निंग का हो रहा इस्तेमाल

एसएमएस-02 में मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित फेरो-एलॉय ऑप्टिमाइजेशन का सफल क्रियान्वयन किया गया है. साथ ही 100 जीबीपीएस क्षमता वाला ऑन-प्रिमाइसेस डाटा सेंटर स्थापित किया गया है. इसके माध्यम से संयंत्र के महत्वपूर्ण सेक्शनों को मजबूत डिजिटल नेटवर्क से जोड़ा गया है. बीएसएल सेल सेंट्रल क्लाउड के लिए टेस्ट बेड तैयार करने वाला सेल का पहला संयंत्र भी बना है.

एचएसएम, सीआरएम-03 और ब्लास्ट फर्नेस जैसे प्रमुख क्षेत्रों में वर्चुअल मशीन आर्किटेक्चर का उपयोग किया जा रहा है. विभिन्न स्रोतों से प्राप्त डाटा को बीएसएल लोकल क्लाउड में व्यवस्थित रूप से संग्रहित किया जा रहा है. इसके आधार पर एआइ मॉडल और भविष्य में लार्ज लैंग्वेज मॉडल के उपयोग की संभावनाओं पर भी काम किया जा रहा है.

20 कन्वेयर बेल्ट की होगी स्मार्ट निगरानी

बीएसएल में 20 कन्वेयर बेल्ट को कवर करने वाला मशीन लर्निंग आधारित कन्वेयर बेल्ट मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित किया गया है. कंपनी के अनुसार, इस्पात उद्योग में यह अपनी तरह का विश्व स्तर पर पहला क्रियान्वयन है. इसके अलावा एचएसएम में सफल जियोफेंसिंग तकनीक को संयंत्र के अन्य क्षेत्रों में भी विस्तारित किया जा रहा है.

सेल में पहली बार एआइ और कंप्यूटर विजन आधारित लैडल ट्रैकिंग सिस्टम स्थापित किया गया है. एसएमएस-02 में टॉरपीडो बैगिंग की शुरुआत भी की गयी है, जिसके बेहतर परिणाम मिलने की बात कही गयी है.

प्रोडक्टिव मेंटेनेंस पर जोर

ब्लास्ट फर्नेस-02 में सिलिकॉन प्रेडिक्शन मॉडल, वाइब्रेशन मॉनिटरिंग और ट्रांसफॉर्मर हेल्थ मॉनिटरिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है. इनसे प्रोडक्टिव मेंटेनेंस और डाटा आधारित निर्णय लेने की प्रक्रिया को बढ़ावा मिल रहा है.

नये स्टील उत्पादों का भी विकास

आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए बीएसएल ने उत्पाद विकास के क्षेत्र में भी कई उपलब्धियां हासिल की हैं. कृषि मशीनरी के लिए मैंगनीज-बोरोन ग्रेड स्टील और 0.5 एमएम सेमी-प्रोसेस नॉन-ग्रेन-ओरिएंटेड इलेक्ट्रिकल स्टील ग्रेड आईएस 18316 एलएस का सफल विकास किया गया है.

नौसैनिक उपयोग के लिए डीएमआर-249ए स्टील शीट के निर्माण हेतु डीएमआरएल से नॉन-एक्सक्लूसिव लाइसेंस भी प्राप्त किया गया है. इसके अलावा एसएमएस न्यू के माध्यम से एमसी-60 ग्रेड स्टील का सफल विकास और पहली बार चेकर्ड प्लेट्स की सफल रोलिंग की गयी.

ऑटोमोबाइल क्षेत्र के लिए एचएसएलए कोल्ड रोल्ड एनील्ड स्टील के आईएससी 470 एलए और आईएससी 550 एलए ग्रेड विकसित किये गये हैं. बीआईएस लाइसेंस का विस्तार करते हुए आईएससी 440 एलए, आईएससी 470 एलए, आईएससी 510 एलए और आईएससी 550 एलए ग्रेड को भी उत्पाद पोर्टफोलियो में शामिल किया गया है. इन पहलों के माध्यम से बीएसएल को डिजिटल, स्मार्ट और भविष्य के लिए तैयार इस्पात संयंत्र के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है.


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By Sunil kumar tiwari

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