बोकारो टाउनशिप एरिया से हर दिन निकलने वाले 90 टन सॉलिड वेस्ट डिस्पोजल के लिए 2023 के अंत तक बनेगा प्लांट

बोकारो टाउनशिप में प्रस्तावित म्यूनिसिपल सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट बोकारो स्टील प्लांट प्रबंधन की ओर से साल 2023 के अंत तक बनकर तैयार हो जायेगा. बीएसएल की ओर से सेक्टर-06 के डम्पिंग एरिया में एक म्यूनिसिपल सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग एंड डिस्पोजल प्लांट लगाने का प्रस्ताव है.

सुनील तिवारी, बोकारो

Bokaro News: बोकारो टाउनशिप में प्रस्तावित म्यूनिसिपल सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट बोकारो स्टील प्लांट प्रबंधन की ओर से साल 2023 के अंत तक बनकर तैयार हो जायेगा. बीएसएल की ओर से सेक्टर-06 के डम्पिंग एरिया में एक म्यूनिसिपल सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग एंड डिस्पोजल प्लांट लगाने का प्रस्ताव है. यह म्यूनिसिपल सॉलिड वेस्ट अधिनियम-2016 के तहत किया जायेगा. बीएसएल की ओर से इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. बीएसएल की ओर से एक्स्प्रेश्न ऑफ इंटरेस्ट विज्ञापन के बाद अब विधिवत रूप से टेंडर प्रक्रिया जारी है.

टेंडर प्रक्रिया पूरा होने में लगेगा चार से पांच माह

प्रस्तावित म्यूनिसिपल सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए गत वर्ष बीएसएल की ओर से एक एक्स्प्रेश्न ऑफ इंटरेस्ट विज्ञापन निकाला गया था. इसके तहत कुछ एजेंसियां, जिन्हें इस तरह के प्लांट के परिचालन का अनुभव है, ने अपनी रुचि दिखलाई है. अब विधिवत रूप से टेंडर किया जा रहा है. टेंडर प्रक्रिया के बाद चयनित एजेंसी को बिल्ड-ओन-ऑपरेट बेसिस पर एक म्यूनिसिपल सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग एंड डिस्पोजल प्लांट लगाने की जिमीदारी दी जायेगी. टेंडर प्रक्रिया पूरा होने में चार से पांच महीना लग सकता है.

नियमानुसार डिस्पोजल करेगी चयनित एजेंसी

टेंडर प्रक्रिया के बाद चयनित एजेंसी को छह: माह के अंदर म्यूनिसिपल सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग एंड डिस्पोजल प्लांट लगाना होगा. बोकारो टाउनशिप एरिया में प्रतिदिन लगभग 85-90 टन म्यूनिसिपल सॉलिड वेस्ट जेनरेट होता है, जिसका प्रोसेसिंग एंड डिस्पोजल इस प्लांट में किया जायेगा. म्यूनिसिपल सॉलिड वेस्ट का प्रोसेसिंग एंड डिस्पोजल म्यूनिसिपल सॉलिड वेस्ट अधिनियम- 2016 के तहत किया जायेगा. इसके लिए चयनित एजेंसी सभी वेस्ट को अलग-अलग कर उनका नियमानुसार डिस्पोजल करेगी.

क्या कहते हैं अधिकारी

म्यूनिसिपल सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग एंड डिस्पोजल प्लांट के लिये टेंडर निकाला जा रहा है. टेंडर प्रक्रिया व प्लांट बनने में लगभग एक साल तक का समय लग सकता है. इस प्लांट में कचड़े का री-यूज और री-साइकलिंग भी नियमानुसार किया जायेगा. बायोडिग्रेडेबल वेस्ट का माइक्रोबियल कोंपोस्टिंग भी किया जायेगा. प्रस्तावित म्यूनिसिपल सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग एंड डिस्पोजल प्लांट अपने आप में एक अनूठा प्रोजेक्ट होगा. यह बोकारो टाउनशिप को बेहतर बनाने के प्रति प्रबंधन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.

मणिकांत धान, संचार प्रमुख-बीएसएल

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rahul Kumar

Senior Journalist having more than 11 years of experience in print and digital journalism.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >