आम लोगों की जमीन, राजस्व, पारिवारिक और अन्य स्थानीय समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिले में प्रत्येक गुरुवार थाना व ओपी स्तर पर थाना दिवस का आयोजन किया जा रहा है. नौ जुलाई से 13 अगस्त तक 42 थाना व ओपी में चार थाना दिवस आयोजित हुए. इस दौरान कुल 372 शिकायतें पहुंचीं, जिनमें 292 मामलों का मौके पर ही निपटारा किया गया. 69 मामले लंबित हैं, जबकि 11 मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गयी.
भूमि और आपसी विवाद के मामले अधिक
थाना दिवस में पहुंचने वाली शिकायतों में भूमि विवाद, जमीन बंटवारा, स्वामित्व, निर्माण कार्य रोकने, राजस्व और आपसी विवाद से जुड़े मामले सबसे अधिक रहे. गोमिया थाना में तीन भूमि विवाद पहुंचे. इनमें एक मामले का समाधान किया गया, जबकि जरूरी कागजात उपलब्ध नहीं होने के कारण दो मामले लंबित रहे.
पुलिस का प्रयास है कि छोटे विवादों को शुरुआती स्तर पर ही बातचीत और आपसी सहमति से सुलझाया जाये, ताकि विवाद आगे बढ़कर मुकदमेबाजी में न बदलें. इससे लोगों को भी राहत मिलती है और न्यायालय पर अनावश्यक मुकदमों का बोझ कम करने में मदद मिलती है.
चार थाना दिवस में 372 शिकायतें
- 09 जुलाई : 103 शिकायतें आयीं, जिनमें 84 मामलों का निपटारा किया गया. 10 मामले लंबित रहे और नौ मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गयी.
- 16 जुलाई : 70 शिकायतों में 54 मामलों का निपटारा हुआ. 15 मामले न्यायालय में लंबित रहने के कारण निष्पादित नहीं हो सके. एक मामले में प्राथमिकी दर्ज की गयी.
- 30 जुलाई : 113 शिकायतों में 84 मामलों का निपटारा किया गया. 29 मामले लंबित रहे और एक मामले में प्राथमिकी दर्ज हुई.
- 13 अगस्त : 86 शिकायतों में 70 मामलों का निपटारा हुआ. 15 मामले लंबित रहे और एक मामले में प्राथमिकी दर्ज की गयी.
समाधान के साथ जागरूकता पर जोर
एसपी नाथू सिंह मीणा ने कहा कि थाना दिवस का उद्देश्य केवल लोगों की समस्याओं का समाधान करना नहीं, बल्कि उन्हें कानूनी पहलुओं के प्रति जागरूक करना भी है. इसके माध्यम से सामाजिक समरसता बढ़ाने और छोटे-छोटे विवादों को समय रहते सुलझाने के लिए लोगों को प्रेरित किया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि जिले के 42 थाना व ओपी क्षेत्रों में लगातार जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है, ताकि लोग विवादों को बढ़ाने के बजाय शुरुआती स्तर पर ही उसका समाधान कर सकें.
