बोकारो. जरूरतमंद परिवारों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने वाली जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) की व्यवस्था सितंबर माह में बोकारो जिले में धीमी गति से चल रही है. 22 सितंबर तक जिले में आवंटित कुल अनाज का महज 23.72 प्रतिशत ही वितरित हो सका है. जिले में कुल 70,65,640 किलो अनाज का आवंटन किया गया था, जिसमें अब तक 16,76,018 किलो अनाज का ही वितरण हुआ है. ऐसे में 56,89,622 किलो अनाज का वितरण अभी बाकी है.
जिले में प्राइरिटी हाउसहोल्ड (पीएचएच) और अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) के कुल 3,27,959 लाभुक हैं. माह का अधिकांश हिस्सा बीत जाने के बावजूद राशन वितरण की रफ्तार धीमी रहने से लाभुकों को समय पर खाद्यान्न मिलने को लेकर सवाल उठ रहे हैं.
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चावल और गेहूं का वितरण भी धीमा
जिले में कुल 56,53,198 किलो चावल और 14,12,442 किलो गेहूं का आवंटन किया गया था. इसके मुकाबले अब तक 13,41,277 किलो चावल और 3,34,741 किलो गेहूं का ही वितरण हो पाया है. यानी चावल का करीब 23.72 प्रतिशत और गेहूं का करीब 23.71 प्रतिशत वितरण हुआ है.
चंद्रपुरा और नावाडीह सबसे पीछे
प्रखंडवार आंकड़ों के अनुसार चंद्रपुरा और नावाडीह में राशन वितरण की स्थिति सबसे खराब है. चंद्रपुरा में 4,52,175 किलो अनाज के आवंटन के मुकाबले 17,422 किलो यानी 3.85 प्रतिशत ही वितरण हुआ है. वहीं नावाडीह में 6,53,885 किलो के आवंटन के मुकाबले महज 5,584 किलो अनाज वितरित हुआ है, जो 0.93 प्रतिशत है.
फुसरो नगर परिषद में भी वितरण की रफ्तार बेहद कम है. यहां 1,83,090 किलो अनाज के आवंटन के मुकाबले 24,809 किलो यानी 13.55 प्रतिशत वितरण हुआ है. जरीडीह में 4,03,930 किलो के मुकाबले 75,121 किलो यानी 18.60 प्रतिशत अनाज बांटा गया है.
कसमार में वितरण की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर
जिले के अन्य क्षेत्रों की तुलना में कसमार में राशन वितरण की स्थिति बेहतर है. यहां 3,93,330 किलो अनाज के आवंटन के मुकाबले 1,85,034 किलो का वितरण हो चुका है, जो 47.04 प्रतिशत है. इसके बाद चास नगर निगम क्षेत्र में 27.05 प्रतिशत और गोमिया में 27.86 प्रतिशत वितरण दर्ज किया गया है.
पेटरवार में 26.47 प्रतिशत, बोकारो स्टील सिटी में 22.07 प्रतिशत, बेरमो में 18.46 प्रतिशत, चंदनकियारी में 13.68 प्रतिशत और चास प्रखंड में 36.72 प्रतिशत अनाज का वितरण हुआ है.
आंकड़ों के मुताबिक जिले में राशन वितरण की गति बढ़ाने की जरूरत है, ताकि शेष लाभुकों को निर्धारित खाद्यान्न समय पर मिल सके.
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