कसमार, कसमार प्रखंड अंतर्गत हिसीम पंचायत के चोली जंगल में मंगलवार की सुबह परिवार की दो अन्य महिला सदस्यों के साथ पत्ता तोड़ने गयी सिंहपुर निवासी मनोरंजन महतो की पत्नी मंजू देवी (52 वर्ष) अचानक जंगल में लापता हो गयी. साथ में गयी महिलाएं मंजू देवी की पुतोहू थीं. खोजबीन के बाद जब उसका पता नहीं चला तब दोनों महिलाओं ने घर जाकर उसके लापता होने की सूचना दी. इसके बाद सिंहपुर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि घनश्याम महतो के नेतृत्व में ग्रामीणों एवं परिजनों ने करीब छह घंटे तक जंगल में खोजबीन की. इस क्रम में शाम करीब चार बजे घने जंगल के भीतर मंजू देवी का शव बरामद किया गया. उसके सिर पर काफी जख्म मिले. सिर के कई हिस्सों में छोटे छोटे सुराख जैसे बन गए थे. समझा जा रहा है कि महिला पर किसी हिंसक जंगली जानवर ने हमला किया होगा, जिससे उसकी मौत हुई. घटनास्थल में कई जगहों पर महिला के खून मिले. शव बरामद होने के बाद इसकी सूचना स्थानीय पुलिस एवं वन विभाग के अधिकारियों को दी. उसके बाद कसमार एसआइ रोजिद आलम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे तथा शव को अपने कब्जे में ले लिया. पुलिस ने मामले की पड़ताल शुरू कर दी है. इस घटना से ग्रामीणों के बीच भय और चिंता का माहौल व्याप्त हो गया है. क्योंकि प्रायः प्रतिदिन गांव की महिलाएं और पुरुष सदस्य पत्ता, दतवन और जलावन लकड़ी के लिए घने जंगलों में जाते हैं.
मुआवजे की मांग पर अड़े ग्रामीण, लिखित आश्वासन के बाद उठा शव
चोली जंगल में शव बरामद होने के बाद स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों ने पुलिस को शव उठाने से रोक दिया. उनका कहना था कि जब तक वन विभाग के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचते और मृतका के परिवार को मुआवजे की स्पष्ट घोषणा नहीं की जाती, तब तक शव को नहीं ले जाने दिया जाएगा. करीब शाम छह बजे वनपाल मो तोहिद अंसारी अन्य वनकर्मियों के साथ घटनास्थल पहुंचे. उन्होंने पूरे मामले की बारीकी से जांच की और ग्रामीणों से बातचीत की. स्थिति को शांत करने में उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी. वनपाल ने विभागीय प्रक्रिया पूरी करने के बाद प्रावधान के अनुरूप चार लाख रुपया मुआवजा देने का लिखित आश्वासन दिया, तब जाकर ग्रामीण सहमत हुए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
