बोकारो, बोकारो उत्तरी क्षेत्र के गांवों को पंचायती व्यवस्था में शामिल करने की मांग बहुत पुरानी है. पहले भी झारखंड विधानसभा में इस सवाल पर मांग उठी है. हाल के दिनों में विस्थापितों की मांग और भावनाओं के अनुरूप काम करने के बजाय उपायुक्त ने उपरोक्त गांवों को सेल को डीड बना दिया है. जो विस्थापितों के साथ अन्याय है. यह बातें शनिवार को बोकारो उत्तरी क्षेत्र के विस्थापितों का पचौरा के बोरवाघाट में आयोजित मिलन समारोह को संबोधित करते हुए भाकपा माले निरसा के विधायक अरूप चटर्जी ने कही. विधायक श्री चटर्जी ने कहा कि बोकारो उतरी क्षेत्र के विस्थापित गांवों को पंचायत में शामिल करने की मांग इस बार झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन में उठायेंगे. जबतक छह पंचायतों के 19 गांवों को पंचायती व्यवस्था में शामिल नहीं किया जाता है, तब तक आपके संघर्षों के साथ पार्टी साथ खड़ी रहेगी. वहीं, भाकपा माले के पोलित ब्यूरो सदस्य जनार्दन प्रसाद, माले राज्य स्थाई कमेटी सदस्य भुवनेश्वर केवट, जिला सचिव देवद्वीप सिंह दिवाकर, दिलीप तिवारी, बिनोद राय समेत कई नेताओं ने भी संबोधित किया. अध्यक्षता इश्तियाक अंसारी व संचालन भीम रजक ने किया. मिलन समारोह के माध्यम से 11 सदस्यीय कमेटी बनायी गयी. इसमें इश्तियाक अंसारी, बिनोद राय, गणेश चंद्र दे, कमाल खान, गुलाम हुसैन, इशहाक अंसारी राजू नापित, उमेश चंद्र सिंह, शमीम अंसारी समेत कई विस्थापित शामिल हैं.
Bokaro News : विस्थापित गांवों को पंचायत में शामिल करने की मांग सदन में उठायेंगे : विधायक
Bokaro News : बोकारो उत्तरी क्षेत्र के बोरवाघाट में मिलन समारोह का आयोजन, विस्थापितों के साथ किया जा रहा अन्याय.
