बोकारो, चार लेबर श्रम कानून के विरोध सहित 17 सूत्री मांग को लेकर अखिल भारतीय एकदिवसीय औद्योगिक हड़ताल को सफल बनाने में ट्रेड यूनियन संयुक्त मोर्चा बोकारो भारी बारिश के बावजूद जुटा रहा. मोर्चा के नेताओं ने इस्पात भवन के पास सेक्शन पर सीइजेड गेट व नया मोड़ पर प्रदर्शन किया. वक्ताओं ने कहा कि मजदूर देश की आजादी से लेकर ना सिर्फ अपनी मांगों के लिए, वरण देश की एकता व अखंडता की हिफाजत के लिए भी लड़ा है. यह मजदूर वर्ग के अस्तित्व की लड़ाई है. बीएसएल-सेल कर्मियों के 39 माह का वेज रिवीजन का एरियर नहीं मिला है. मोदी सरकार के राज में कोई नियम कानून नहीं है.
सदर अस्पताल के आउटसोर्सिंग कर्मियों ने लगाया काला बिल्ला
वक्ताओंं ने कहा कि जो मालिकों के हित में है, वही काम सब किया जा रहा है. मजबूत संघर्ष और वह भी जॉइंट रूप से जारी रखना होगा. हड़ताल के समर्थन में सदर अस्पताल बोकारो के आउट सोर्सिंग कर्मियों ने काला बिल्ला लगाकर प्रदर्शन किया. हड़ताल का आंशिक असर स्टील प्लांट में रहा. प्लांट के ठेका मजदूरों ने हड़ताल में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया. मुख्य रूप से एटक के रामाश्रय प्रसाद सिंह, आइडी प्रसाद, सीटू के केएन सिंह, आरके गोराई, एक्टू के देव दीप सिंह दिवाकर, जेएन सिंह, एआईयूटीसी के मोहन चौधरी, प्रमाणिक, मोइन आलम, आरआर दास, आरएस डे, जय सिंह आदि प्रदर्शन में शामिल थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
