Bokaro News : समाज में नहीं होना चाहिए असंवेदनशीलता : उपायुक्त

Bokaro News : जनता दरबार में आया मां को प्रताड़ित करने व पत्नी और बच्चों को बेसहारा छोड़ने का मामला, बुजुर्गों की भूमि पर कब्जा करने वाले असामाजिक तत्वों पर अपनायी जायेगी जीरो टोलरेंस.

बोकारो, समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित जनता दरबार में जोधाडीह मोड़ निवासी बुजुर्ग महिला गायत्री देवी ने परिवार के सदस्यों द्वारा प्रताड़ना की पीड़ा साझा की. उन्होंने अपने मंझले बेटे द्वारा आये दिन मारपीट करने की बात कही. वहीं, एक दूसरे मामले में चास निवासी महिला जो ससुराल स्थित अपने मकान में रह रही है, उसका पति व परिवार के अन्य सदस्य उसे एवं उसके दो बच्चों को छोड़ चले गये हैं. पति दूसरी शादी करने जा रहा है. वहीं, अब उसे घर खाली करने का पति एवं उसके परिवार के सदस्यों ने अल्टीमेटम दिया है.

इस पर उपायुक्त अजय नाथ झा ने संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यह अत्यंत दुखद है कि मां को उसके ही बच्चे प्रताड़ित करें या पति अपनी पत्नी व बच्चों को बेसहारा छोड़ दे. यह सामाजिक असंवेदनशीलता अच्छा नहीं है. ऐसे मामलों से यह साफ है कि हमारा समाज धीरे-धीरे संवेदनहीन होता जा रहा है. यह चिंता का विषय है, समाज को संवेदनशीलता सीखनी होगी.

डीसी ने कहा बुजुर्गों का सम्मान, महिलाओं की सुरक्षा और वंचितों का संरक्षण केवल प्रशासन की नहीं, समाज की भी जिम्मेदारी है. जिस दिन हर व्यक्ति दूसरों के दुख को महसूस करने लगेगा, उस दिन ऐसे मामले घटेंगे. उन्होंने अभिभावकों, शिक्षकों, धार्मिक नेताओं और जनप्रतिनिधियों से अपील किया कि वे समाज में संवेदनशीलता, करुणा और पारिवारिक मूल्यों के प्रचार-प्रसार में सहयोग करें.

सुनवाई के बाद उपायुक्त ने कहा कि बुजुर्गों और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा प्रशासन की जिम्मेदारी है. इन मामलों में अपर नगर आयुक्त, थाना प्रभारी,जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी आदि को आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

जनता दरबार में एक बुजुर्ग ने अपनी निजी भूमि पर स्थानीय असामाजिक तत्वों द्वारा कब्जा कर लेने की शिकायत की. उपायुक्त ने इसे गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में ‘जीरो टोलरेंस’ की नीति अपनायी जाएगी. बुजुर्गों व सेवानिवृत कर्मचारियों की संपत्ति की रक्षा करना हमारी प्राथमिकता है. डीसी ने संबंधित क्षेत्र के अंचलाधिकारी और थाना प्रभारी को निर्देश दिया गया कि वे तत्काल जांच कर अवैध कब्जाधारियों पर गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई करें और पीड़ितों को न्याय दिलाएं.

हर अंचल में हेल्प सेंटर खोलने का दिया निर्देश

भूमि से जुड़ी समस्याएं जिले में लगातार सामने आ रही हैं, जिन्हें कम करने के उद्देश्य से उपायुक्त ने अंचल स्तर पर हेल्प सेंटर शुरू करने की घोषणा की. उन्होंने बताया कि अब कोई भी व्यक्ति जमीन का निबंधन (रजिस्ट्रेशन) कराने से पहले उस भूमि की वैधता, स्वामित्व, प्रकृति आदि संबंधी जानकारी इस हेल्प सेंटर से प्राप्त कर सकेगा. इस कार्य को अंचल कार्यालय 07 -10 दिनों में सुनिश्चित करेगा. इस व्यवस्था के क्रियान्वयन से भूमि विवाद, धोखाधड़ी और अतिक्रमण जैसी घटनाओं पर अंकुश लगेगा.

चार दर्जन से अधिक फरियादियों की समस्या सुनीं

जनता दरबार में उपायुक्त ने चार दर्जन से ज्यादा लोगों की समस्याओं पर सुनवाई की. ज्यादातर मामले भूमि विवाद, पारिवारिक प्रताड़ना, पेंशन, जन वितरण प्रणाली, अतिक्रमण, झारखंड मुख्यमंत्री मइंया सम्मान योजना, बीएसएल, पेंशन संबंधित समस्याएं शामिल थी. मौके पर डीपीएलआर मेनका, अपर समाहर्ता मुमताज अंसारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रवि कुमार, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह समेत अन्य उपस्थित थे.

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