Bokaro News : बारिश व आपदा से निपटने के लिए टास्क फोर्स गठित

Bokaro News : शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में जलजमाव, वर्षा-बाढ़ जैसी आपात स्थितियों के लिए जिला प्रशासन सतर्क, गठित सभी टास्क फोर्स क्षेत्रों की करेंगे निगरानी, आंकलन कर करेंगे सुधारात्मक कार्रवाई.

बोकारो, बारिश के आगमन व आपदा की स्थितियों को देखते हुए उपायुक्त अजय नाथ झा ने टीम को सक्रिय करते हुए जिलेभर में एक सुदृढ़, क्षेत्रवार आपदा प्रबंधन तंत्र तैयार करने का निर्देश दिया है. इसके तहत प्रखंड, नगर निगम-नगर पंचायत, बीएसएल टाउनशिप में टास्क फोर्स का गठन कर प्रत्येक क्षेत्र में जिम्मेदार पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गयी है, जो स्थिति की निगरानी करेंगे व आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे.

नामित किये गये वरीय पदाधिकारी

उपायुक्त ने आपदा प्रबंधन की निगरानी व राहत कार्यों के लिए जिले को विभिन्न प्रशासनिक इकाइयों में बांटा है. पदाधिकारियों को संबंधित क्षेत्र का वरीय पदाधिकारी बनाया है. नगर निगम चास क्षेत्र में-असिस्टेंट म्युनिसिपल कमिश्नर. नगर परिषद फुसरो क्षेत्र में- कार्यपालक दंडाधिकारी. बीएसएल टाउनशिप क्षेत्र के लिए-सीजीएम, नगर प्रशासन सेवा. वहीं, दोनों अनुमंडलों के लिए संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी चास एवं बेरमो को विशेष वरीय पदाधिकारी बनाया गया है, जो प्रखंड स्तरीय टास्क फोर्स के पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी निभाएंगे. यह व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि जिला प्रशासन मुख्यालय से लेकर फील्ड तक पूर्ण रूप से समन्वित और क्रियाशील रहें.

टास्क फोर्स को स्पष्ट निर्देश, निगरानी, मूल्यांकन व सुधार पर जोर

उपायुक्त ने कहा कि सभी गठित टास्क फोर्स संबंधित क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण करें. आपदा संभावित बिंदुओं की पहचान कर रिपोर्ट तैयार कर आवश्यकतानुसार पूर्व से तैयारी सुनिश्चित करें. डीसी ने कहा कि स्थिति बिगड़ने से पहले उस पर नियंत्रण पाना ही प्राथमिकता होनी चाहिए. डीसी ने प्रत्येक टीम को भौतिक निरीक्षण, नालों की सफाई, जल निकासी व्यवस्था की स्थिति, कमजोर बस्तियों की सूची, राहत केंद्रों की तैयारी, जनसंपर्क माध्यमों की उपलब्धता आदि पर भी काम करने को कहा.

जलजमाव की समस्या पर मिशन मोड में करें काम

जिले के कई हिस्सों में माॅनसून के दौरान जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, इसे देखते हुए उपायुक्त ने नगर निगम चास, नगर परिषद फुसरो, बीएसएल नगर प्रशासन, एनएचआइ आदि विभागों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया है कि वे मिशन मोड में जल निकासी की व्यवस्था को सुदृढ़ करें. उन्होंने कहा कि हर नाली, हर निकासी मार्ग की सफाई प्राथमिकता के साथ कराई जाये. नागरिकों को जागरूक किया जाए कि वे नालियों में कचरा न डालें. सभी इकाईयां आपसी तालमेल के साथ काम करें.

जिला नियंत्रण कक्ष लोगों को त्वरित राहत सुनिश्चित करें

उपायुक्त ने जिला नियंत्रण कक्ष को केंद्रीय समन्वय केंद्र बनाते हुए अपर समाहर्ता को निर्देशित किया गया है कि नियंत्रण कक्ष में रोटेशनल शिफ्ट में कर्मचारियों और दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति करें. प्राप्त होने वाली प्रत्येक शिकायत को रिकॉर्ड कर, संबंधित विभाग को तत्काल अग्रसारित करें. साथ ही, नियंत्रण कक्ष के नंबर और कार्यप्रणाली की जानकारी आम जनता को दें, ताकि वे संकट की स्थिति में तुरंत संपर्क कर सकें. उपायुक्त स्वयं प्रत्येक 06 – 06 घंटे पर इसकी समीक्षा करेंगे.

उपायुक्त ने की आमजन से अपील : घबरायें नहीं, सूचना दें

उपायुक्त ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं है. किसी भी आपात स्थिति में तुरंत जिला नियंत्रण कक्षः 8986660333/06542-223705/247891/डायल 100/डायल 112को सूचना दें. लोगों को हर आवश्यक सहायता तत्काल उपलब्ध करायी जाएगी. साथ ही उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे अपने आसपास की स्थिति पर भी नजर रखें, प्रशासन का सहयोग करें और असत्य सूचनाओं से बचें.

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